आज फिर मैं तडपा हूँ, लगता है वो आज फिर किसी और की बाहों में होगी !!
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मैंने दबी आवाज में पूछा, मोहब्बत करने लगी हो, नजरें झुका कर वो बोली, "बहुत"
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हमने कहा दीवानगी क्या होती है, उसने कहा दिल तुम्हारा हुकूमत हमारी.
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कभी फुर्सत हो तो इतना जरूर बताना, वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हें ना दे सके.
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कमाल की निशानेबाज हो तुम, तिरछी नजर से भी सीधा दिल पे वार करती हो।।??
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मैं रहूँ या ना रहूँ …तुम मुझ में कहीं बाकी रहना…
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कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है
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चेहरे के रंग देखकर, दोस्त ना बनाना दोस्तों.. "तन" का काला चलेगा लेकिन "मन" का काला नहीं..?
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हम दोनों को कोई भी बीमारी नही है... फिर भी तु मेरी और मैं तेरी दवा हूँ
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तुम जलते रहोगे आग ? की तरह, और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह| ?
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जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
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उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
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जाते वक्त बहोत गुरूर से कहा था उसने.... "तुम जैसे हजार मिलेंगे" मैंने मुस्कुरा कर कहा.... " मुझ जैसे की ही तलाश क्यों
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आओ तुम्हे तुम्हारी औकात दिखाते हैं, तुम जिसे आप कहते हो वो हमे बाप कहते हैं...
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क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
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दोस्ती ने एक बात अच्छी सिखाई, रास्ते बदलने से रिश्ते नहीं बदलते कभी..! ?
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अगर मुझे समझना चाहते हो तो, ? बस दिल से अपना समझो.....?
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कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
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बड़ी कश्मोकश है इन दिनो ज़िन्दगी में...किसी को ढूंढते फिर रहे हैं हर किसी में....
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क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी.. अपनी खुशी को छोड़ दिया” उसे" खुश देखने के लिए ??
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किस्मत और दिल की आपस में कभी नहीं बनती, जो लोग दिल में होते है, वो किस्मत में नहीं होते।??
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पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना
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उम्मीदों से है घायल ,उम्मीद पे ज़िंदा है ….आस भरी अरदास को तू ऐसे ना ठुकरा …
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कोई भी रिश्ता अधूरा नहीं होता , बस निभाने की चाहत दोनों तरफ होनी चाहिए।
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दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी,बस एक बार तू कह दे कि मैं अमानत हूं तेरी…
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मुलाकात बनकर मिला था मुझ से कोई बड़ी जल्दी गुजर गया वक़्त की तरह.
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खफा ? रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम, लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते ?
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क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ जो कहते थे बहुत अच्छे से जानते हैं तुझे.?
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झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते है, बाज़ की उड़ान में कभी आवाज नही होती।
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बहुत कुछ कहा था तुझसे, लेकिन जब तुम हाल ना समझ सके तो बातें कहाँ से समझोगे।
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