सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
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251
जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता
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37
फिक्र करना ही क्यूँ फिक्र से होता है क्या | भरोसा रखो "श्याम" पर फिर देखो होता है क्या ||
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24
नैन खुले तो दर्शन हो होठ खुले तो कीर्तन हो | याद रखु सतगुरु तेरे नाम को मन भटके तो सुमिरन हो ||
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19
॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
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19
प्रभु कहते है तुम किसी का कुछ मत बिगाड़ना , मैं तुम्हरा कुछ भी बिगड़ने नही दूंगा
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157
जय श्री राधा सनेह बिहारी जी ॥
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31
नादान हूँ नादानियाँ कर जाता हूँ दुनियाँ के चक्कर में तुझे भूल जाता हूँ तेरा बडप्पन की तू सम्भाल लेता है मेरे गिरने से पहले तू थाम लेता है
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55
कोई तन दुखी, कोई मन दुखी, कोई धन बिन रहत उदास | थोड़े थोड़े सब दुखी, सुखी सिर्फ मेरे सतगुरु के दास ||
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12
जब तकलीफ़ हो जीने में तब शिव को बसा लो सीने में "हर हर महादेव"
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43
जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि
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75
आ बैठ मेरे मालिक आज बटवारा कर ही लें, सारी दुनिया तेरी और सिर्फ तूं मेरा |
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19
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में
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107
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
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28
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
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23
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।
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233
कर्म तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है || नियत तेरी अच्छी है तो घर मथुरा काशी है ||
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27
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता| नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ||
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73
ना घर पर रहते है ना घाट पर रहते है हम तो उनकी शरण में रहते है जिन्हें लोग महाकाल कहते हैं
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105
"दिल की गहराईयों से की गई सच्ची अरदास, तकदीर को भी बदलने की शक्ति रखती है।"
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152
दे दो बस एक ही वरदान, आपके भगत से न हो पाये कभी कोई बुरा काम हर हर महादेव |
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26
अरे कर्मों से डरिए ईश्वर से नहीं , ईश्वर माफ कर देता है कर्म नहीं
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319
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||
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69
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा,निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
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136