छोड़ कर जाने वाले क्या जानें , यादों का बोझ कितना भारी होता है ...
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क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
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जब शिकार का वक़्त होगा, तब हम जंगल जरुर आयेगें! ?
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जिंदगी में कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भरते.. बस इंसान उन्हें छिपाने का हुनर सीख जाता है..??
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उसने कहा बहुत हैं तेरे जैसे, मैंने कहाँ अरे पागल, Brand हूँ Copy तो होगी ना.
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दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी,बस एक बार तू कह दे कि मैं अमानत हूं तेरी…
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दुनिया आज भी मेरी दीवानी है और एक हम है कि उनके इंतज़ार में तन्हा बैठे रहते है।
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तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास , लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको
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वो जो कल रात चैन से सोया हैं , उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..
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रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
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आंसू जानते है कौन अपना है इसलिए बस अपनों के सामने निकल आते हैं.
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न ताज चाहिए न तख़्त चाहिए, मुझे यारों के साथ चाय पर वक़्त चाहिए..❤️
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नही बस्ती किसी और की सूरत अब इन आंखों में, काश हमने तुझे कभी इतने गौर से न देखा होता |??
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जो चीज़ वक़्त पर ना मिले, वह बाद में मीले या ना मिले, कोई फर्क नहीं पड़ता।
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मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की, क्योंकि शेर पैदा होते हैं बनाए नहीं जाते !!"
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मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों ही तेरे औकात से बाहर है!
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बदल जाते हैं, वोह लोग वक़्त की तरह जिन्हें हद्द से ज्यादा वक़्त दिया जाता है |
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हमने कहा दीवानगी क्या होती है, उसने कहा दिल तुम्हारा हुकूमत हमारी.
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बाप की चप्पल पहनने से, बेटा बाप नहीं बन जाता!?
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चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। ?
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बुजदिल हें वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते, बहुत हौसला चाहिए बर्बाद होने के लिए
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जैसे प्यार से सभी चीज़ें आसान लगती हैं, उसी तरह उम्मीद से सब कुछ संभव लगने लगता है
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समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
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वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं ,हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
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चाह कर भी उनका हाल नहीं पूछ सकते डर है कहीं कह ना दे कि ये हक्क तुम्हे किसने दिया
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परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा चाहे कोई कितना भी बड़ा नवाब हो |??
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जिस दिन वक़्त मेरा होगा तू सोच भी नहीं सकता तेरा क्या होगा |?
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माफ़ी चाहता हू, तेरा गुनहगार हू ए दिल, तुझे उसके हवाले किया जिसे तेरी कदर नहीं.?
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सबको दिलासा देने वाला शख्स..अपने दुखों में हमेशा अकेला होता है!?
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यह दिल ही है जिसे हारने की आदत हो गई है, वरना जहां भी हमने दिमाग लगाया है, वहां फतेह ही पाई है..!?
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