इक भाई है जिससे मुझे प्यार है वह कोई और है मेरा अनमोल यार है
Copy
427
गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं
Copy
72
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
Copy
147
जिस्म से रूह तक जाए तो हकीकत है इश्क ? और रूह से रूह तक जाए तो इबादत है इश्क़ ❤️
Copy
21
रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा
Copy
61
वाकिये तो अनगिनत है जिंदगी के, समझ नहीं आता कि किताब लिखू या हिसाब लिखूँ !?
Copy
39
शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...
Copy
1K
सपनों को पाने के लिए समझदार नहीं पागल बनना पड़ता है। ??
Copy
111
सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.
Copy
145
कर्म तेरे अच्छे है तो किस्मत तेरी दासी है || नियत तेरी अच्छी है तो घर मथुरा काशी है ||
Copy
27
दुनिया खामोशी भी सुनती हैं, लेकिन पहले धूम मचानी पड़ती हैं. ?
Copy
21
सोचा था न करेंगे किसी से दोस्ती! न करेंगे किसी से वादा! पर क्या करे दोस्त मिला इतना प्यारा की करना पड़ा दोस्ती का वादा
Copy
421
उसने इश्क की अर्थी सज़ा दी, जो कभी इश्क़ का गुलाम था ।??
Copy
19
नमो नमो दुर्गे सुख करनी. नमो नमो अम्बे दुःख हरनी.!
Copy
81
मुझे समझने के लिये ! आपका समझदार होना ज़रूरी है !!"
Copy
18
वो भी फुरसत में बैठकर �..कसर सोचती तो होगीं.. कि कितनी सीद्दत से मोहब्बत करता था कोई....?
Copy
29
बुरा किया भी नहीं और बुरे बन भी गए हम |??
Copy
86
सामने बैठे रहो दिल ? को करार आएगा, जितना देखेंगे तुम्हें उतना ही प्यार ? आएगा |
Copy
150
उनकी नफरत बता रही है, हमारी मोहब्बत गज़ब की थी ?
Copy
30
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
Copy
26
देर से बनो लेकिन कुछ बनो, क्यों की लोग वक़्त के साथ खैरियत नहीं हैसियत पूछते हैं ..
Copy
79
अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी, लोग तसल्लियाँ तो देते हैं, पर साथ नहीं।?
Copy
82
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
Copy
81
मुस्कुरा जाता हूँ अक्सर गुस्से में भी तेरा नाम सुनकर , तेरा नाम से इतनी मोहब्बत ही तो सोच तुझसे कितनी होगी
Copy
3K
वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं ,हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
Copy
503
लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती है, मै अरसो से खामोश हूँ, वो बरसों से बेखबर है ?
Copy
26
गुजर तो जायेगी जिन्दगी उसके बगैर भी लेकिन तरसता रहेगा ये दिल प्यार करने वालो को देखकर
Copy
14
कौन सा अंदाज़ है ये ? तेरी महोब्ब्त का?, ज़रा हमको भी समझा दे मरने से भी रोकते हो, और जीने भी नहीं देते..!!
Copy
21
मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है साहब..क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार काम नहीं आता..?
Copy
77