मुझे फुरसत कहा जो मौसम सुहाना देखू महादेव की यादों से निकलू तो जमाना देखू
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क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए
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जो बीत गया सो बीत गया…आने वाला सुनहरा कल है वो…..मैं कैसे भुला दूँ दिल से उसे… मेरी हर मुश्किल का हल है वो
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उन्होंने पूछा तोफे ? में क्या चाहिए, हमने कहा वो मुलाकात ? जो कभी ख़त्म ना हो। ?
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जो भी पास था खो चुका हूँ, मैं सबका भला करके बुरा बन चुका हूँ मै..??
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बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
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सब कुछ पा लिया तुमसे इश्क़ करके बस कुछ रह गया तो वो तुम हो...??
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न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे , वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
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नियत अच्छी हो और मेहनत सच्ची हो, तो कामयाबी ज़रूर मिलती हैं...
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हर मंज़िल हासिल होंगी, बस तुम इरादा नेक रखना.
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हम तो दोस्ती में ही खुश थे, तुमने ही गले लगा कर बात बिगाड़ दी..??
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मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है साहब..क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार काम नहीं आता..?
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शिकायतें नहीं करनी बस इतना सुन लो,,! मैं खामोश हूँ और वजह तुम हो,,! ??
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मुझको क्या डराओगे मौत से मैं तो पैदा ही क़ातिलों की गली में हुआ हूँ। ?
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जबरदस्ती की नजदीकियों से सुकून की दूरियां ही अच्छी हैं.!
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चेहरे के रंग देखकर, दोस्त ना बनाना दोस्तों.. "तन" का काला चलेगा लेकिन "मन" का काला नहीं..?
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गिरगिट की आखिरी जुबान “में आजकल रंग बदलने में लोगों का मुकाबला नहीं कर पा रही हूं
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मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है , आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
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नफरत ही सही, पर दिखावे का प्यार नहीं |?
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प्यार किया नहीं जाता हो जाता है लेकिन दिल टूटता नहीं उसे तोड़ दिया जाता है.
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जो “दोगे” वही लौट कर आएगा, चाहे वह “इज्जत” हो या “धोखा”..?
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पसंद है मुझे उन लोगों से हारना, जो लोग मेरे हारने की वजह से पहली बार जीते हों..!!❤️?
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सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं , बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
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प्यार का मतलब तो नहीं मालूम मुझे, मगर जब जब तुझे देखूँ दिल धड़कने लगता है।?
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तकलीफ़ खुद ही कम हो गई, जब अपनों से उम्मीदें कम हो गई…??
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खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे
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21
जो समझाए भी और समझे भी वो ही दिल के करीब होता है
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जो चीज़ वक़्त पर ना मिले, वह बाद में मीले या ना मिले, कोई फर्क नहीं पड़ता।
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एक वक़्त ऐसा आता है के सब ठीक होने के बावजूद भी दिल मुस्कुराना भूल जाता है |
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ऐ दिल तू क्यों रोता है , ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.
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