तुम दोस्ती को मोहब्बत में बदलना चाहते थे, देखा इस मोहब्बत ने हमें दूर कर दिया।?
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32
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ..!
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20
संघर्ष करना अगर इंसान की आदत बन जाए, तो सफलता उसकी तकदीर बन जाती है !
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58
हमारा उसका अब रिश्ता न पूछो तालुक तो है मगर टुटा हुआ है
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145
जब तक पैसा है वो पूछेगी,? मेरा बाबू कैसा है?
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87
सच्चे दोस्त कभी गिरने नही देते ।ना किसी की नजरो मै और ना किसी के कदमो मे
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166
अजनबी कहें की अपना कहें …अब क्या कहें, क्या ना कहें …
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132
मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता
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10
कभी-कभी इरादा, सिर्फ दोस्ती का होता है, और पता ही नहीं चलता, मोहब्बत कब हो जाती है। ? ?
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100
कभी किसी की इतनी परवाह मत करो.. की वो,बेपरवाह हो जाए..
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93
कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है
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103
मेरा दिल सिर्फ तुम्हारे लिए धड़कता है
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88
खुद से बातें करने लगी हूँ, वैसे भी आजकल लोग सुनते कहाँ हैं ,
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18
जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी
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478
शिकायत जिन्दगी से नहीं , उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है .
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26
मेरी हँसी को लोग ख़ुशी कहते हैं, पर किसी को नहीं पता कि इस ख़ुशी की वजह तुम हो ! ??
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55
गिरे हुए लोगों को उठाना नही ? भूलना सीखो। ??
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42
चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर, कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा ??
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6
रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना
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41
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था , वो लफ्जों मे ढूढते रहे
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44
वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नहीं होती, जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है |
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38
छोङ देता, लेकिन जीत मेरी जिद है, और जिद का मै बादशाह हूँ..
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37
रोज़ रोते ? हुए कहती है ज़िन्दगी, एक बेवफ़ा के लिए मुझे बर्बाद मत कर | ?
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15
वो वक़्त कुछ और था, वो इश्क़ का दौर था, ये वक़्त कुछ और है, ये ख्वाहिशों का दौर है.!
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21
तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा, हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा |❤️
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13
बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी..पहले पागल किया.. फिर पागल कहा.. और फिर पागल समझ कर छोड़ दिया
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उसने ही जगत बनाया है कण-कण में वो ही समाया है दुख में भी सुख का अहसास होगा जब सिर पर शिव का साया है
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फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
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मुझे नफरत पसंद है, लेकिन दिखावे का अपनापन नहीं ?
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साथ तो जिंदगी भी छोड़ देती है, शिकायत लोगों से क्या करना..
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