ज़िंदगी को आसान नहीं बस खुद को मजबूत बनाना पड़ता है
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तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा, हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा |❤️
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मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही,अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
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अपनी औकात में रहना सीख बेटा. वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है, वो श्मशान में भटकते है.??
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छीन लेता है हर चीज मुझसे ऐ खुदा.. क्या तू भी इतना गरीब है..??
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चेहरे किसी क्रीम-पाउडर से नही, बल्कि कामयाबी से चमकते है। ?
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अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
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अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।
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दोस्तों के दिल ❤️ में और दुश्मन के दिमाग ? मे रहना आदत है हमारी..?
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अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....
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बताओ तो कैसे निकलता है जनाज़ा उनका, वो लोग जो अन्दर से मर जाते है !!??
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तेरे पास जो है उसकी कदर कर , यहां आसमान के पास भी खुद की ज़मीं नहीं
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ज़िन्दगी की राहें तब आसान हो जाती हैं, जब परखने वाला नहीं समझने वाला हमसफर हों !!❤️?
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जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...
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जो हमसे बात नहीं करते, वो दूसरों से हमारी ‘बात’ करते है ।
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उनका दिल ❤️ कैसे जीत लेते जो किसी और को अपना दिल हार गया हो।। ?
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उसे बोल दो कि मेरे ख्वाबों में ना आया करे, रोज आँख खुलती है और दिल टुट जाता है..??
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बहुत ज्यादा जुल्म करती हैं तुम्हारी यादे, सो जाऊ तो जगा देती हैं, उठ जाऊ तो रुला देती हैं .
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कुछ चीजे पैसों ? से नही मिलती और मुझे उन्ही चीजों का शौक हैं.?
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जब प्यार नहीं है तो भुला क्यों नहीं देते, ये ख़त किसलिए रखे हैं जला क्यों नहीं देते |❤️?
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चाहने वाले लाखों मिलेंगे तुम्हें, मगर परवाह करने वाला हर कोई नहीं होता |?❤️
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कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गये सपने, कुछ गैरों ने किया बरबाद कुछ भूल गये अपने..!!?
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हम जो सोचते हैं , वो बन जाते हैं
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अजीब खेल है ये मोहब्बत का, किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला।??
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शादीशुदा लाइफ का मजा ही कुछ अलग...है ???? खाने को मिले या ना मिले, सुनने को भरपूर मिल जाता है...
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ग़ालिब ने खूब कहा है - ऐ चाँद तू किस मज़हब का है , ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
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इश्क़ की किताब का उसुल है जनाब..मुड़ कर देखोगे..तो महोब्बत मानी जाएगी..
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तेरे Online आने पर वो हरी बत्ती,? मुझे चाँद से भी ज्यादा खूबसूरत लगती हैं..!!❤️
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शीशे की तरह साफ़ हूँ फिर भी न जाने क्यू अपनों की समझ से बाहर हूँ..?
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कहाँ से लाऊं वो नसीब, जो तुझे मेरा कर दे...
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