तकलीफ ये नही की किस्मत ने मुझे धोखा दिया अफसोस तो ये हे की मेरा यकीन तुम पर ? था किस्मत पर नही ✖️
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मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
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आंसू जानते है कौन अपना है इसलिए बस अपनों के सामने निकल आते हैं.
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हमारी काबिलियत ही हमारी पहचान है, वरना लोग तो बहुत हैं दुनिया में??
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जिस्म तो फिर भी थक हार के सो जाता है....काश दिल का भी कोई बिस्तर होता.....
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एक अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जहाँ लोग मिलते कम, झाँकते ज्यादा है..!
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अगर बाज़ ? की तरह उड़ना है.. तो कबूतरों का साथ छोड़ना पड़ेगा.!!?
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ख्वाब चुभते रहते है, आंखों में सारी रातभर, वो पूछते रहे वजह आँखो के लाल होने की ! ❤️
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एक तू और तेरा प्यार, मेरे लिऐ काफी है मेरे यारा...?
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गुल्लक की तरह था रिश्ता हमारा जब टूटा तब कीमत समझ में आई
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वक़्त कोई भी हो ख्याल तुम ही हो सवाल कोई भी हो जवाब तुम ही हो ?
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महोबत आगर चेहरे से होती तो खुदा दिल न बनाता |
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जाने वालो को रास्ता दो अगर वास्ता, दोगे तो सर पे चढ़ेंगे...
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"आदमी का अमीर होना जरूरी नहीं है जमीर होना जरूरी है।" ?
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मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!?
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कोई अजनबी ख़ास हो रहा है, लगता है फिर से प्यार हो रहा है..!
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यूँ तो तैरने में बहुत माहिर हैं हम, फिर भी डूब जाते हैं अक्सर तेरे ख्यालो में...
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बड़ा नौकर बनने से अच्छा ...छोटा मालिक बन जाओ ... खुश रहोगे
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आंसू जता देते है "दर्द" कैसा है , "बेरूखी" बता देती है "हमदर्द" कैसा है
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इतना कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम.. अब दिल दुखाने भी नहीं आते ?
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नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
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मेरा सफर अच्छा है, लेकिन मेरा हमसफर उससे भी अच्छा है!
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कितना अजीब है लोगों का अंदाज़-ए-मोहब्बत, रोज़ एक नया ज़ख्म देकर कहते हैं, अपना ख्याल रखना..✨
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जो नहीं है हमारे पास वो ख्वाब हैं, पर जो है हमारे पास वो लाजवाब हैं..!!?
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तुझे जबसे खोया है तबसे कुछ पाने की ख्वाहिश ही नहीं रही.
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जिन्हें पता होता हैं। की अकेलापन क्या होता हैं । ऐसे लोग दुसरो के लिए । हमेशा हाज़िर रहते हैं ।
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बचपन से ही शौक था अच्छा इंसान बनने का, लेकिन बचपन खत्म और शौक भी खत्म..?
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हमें अहमियत नहीं दी गयी, और हम जान तक दे रहे थे.
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मैं रहूँ या ना रहूँ …तुम मुझ में कहीं बाकी रहना…
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तेरा मेरा रिश्ता ताले चाबी जैसा है, कोई और आया तो तोडना ही पड़ेगा..!
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