वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था , वो लफ्जों मे ढूढते रहे
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44
समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
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240
सेवा सबकी कीजिये मगर आशा किसी से मत रखिये क्योंकि सेवा का सही मूल्य भगवान ही दे सकता है इंसान नहीं |
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40
चाय ख़त्म होने तक तुम रुकने का वादा करो, हम आखिरी घूँट भी आखिरी साँस तक पीते रहेंगे.
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23
सारी शिकायतों का हिसाब जोड़कर रखा था मैंने… उसने गले लगाकर सारा हिसाब ही बिगाड़ दिया ❤
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121
बहुत अंदर तक तोड़ डालता है, वह अश्क जो आंखों से बह नहीं पाता |
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16
एक हार से कोई फकीर और एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता..!!?
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81
तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।
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42
हमने अपने नसिब से ज्यादा अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है, क्यु की नसिब तो बहुत बार बदला है, लैकिन मेरे दोस्त अभी भी वहि है.......!
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170
थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !
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128
कोई ठुकरा दे तो हसकर जी लेना, क्यूकि मोहब्बत की दुनिया में जबरदस्ती नहीं होती !
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10
इस दिल में तुम्हारे सिवा किसी को इजाजत नहीं
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177
वो भी फुरसत में बैठकर �..कसर सोचती तो होगीं.. कि कितनी सीद्दत से मोहब्बत करता था कोई....?
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29
सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया.
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9
बोहत खुश थे हम साथ में फिर उसे किसी और का साथ मिल गया |
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9
यकीनन तुम्हें तलाशती हैं मेरी आंखें........ये बात अलग है हम ज़ाहिर नहीं होने देते.....
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38
ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
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245
तू चालाकी से कोई चाल तो चल, जीतने का हुनर मुझ में आज भी हैं ! ?
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22
रफ़्तार मेरी धीमी ही सही, मगर उड़ान ? जरूर लंबी होगी..!
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52
ज़रूरत नही मुझे दुनिया के नज़ारों की, मेरे लिए तेरा एक दीदार काफी है |?
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72
तुम दोस्ती को मोहब्बत में बदलना चाहते थे, देखा इस मोहब्बत ने हमें दूर कर दिया।?
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32
इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति
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177
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं, दिल हमेशा उदास रहता है.
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27
क्या नाम दूँ मैं अपनी मोहब्बत को, कि ये तेरा सिवा किसी और से होती ही नहीं..!!?
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147
कभी आओ इस क़दर की आने में लम्हा और जाने में ज़िन्दगी गुज़र जाये
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40
मै थक गया था परवाह करते करते, जब से बेपरवाह हूँ, आराम सा है। ?
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51
खुदा के घर से कुछ फ़रिश्ते फरार हो गए, कुछ पकड़े गए, कुछ मेरे यार हो गए!!?
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अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं
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उन्होंने पूछा तोफे ? में क्या चाहिए, हमने कहा वो मुलाकात ? जो कभी ख़त्म ना हो। ?
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जो लोग ज्यादा हस्ते है ना, अक्सर लोग उनके अंदर का दर्द समझ नहीं पाते है...
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