सुनो, अपनी हद में रहो, बेहद याद आने लगे हो तुम.!
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तुम मेरा नाम जानते हो, मेरी कहानी नहीं!?
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36
हजारों उलझनें राहों में, और कोशिशें बेहिसाब; इसी का नाम है ज़िन्दगी, चलते रहिये जनाब। ?
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मुझको क्या डराओगे मौत से मैं तो पैदा ही क़ातिलों की गली में हुआ हूँ। ?
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तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
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लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…
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918
गर्लफ्रेंड: तुम्हारा दिमाग एकदम सड़ गया है। पप्पू: हां, शायद तुम्हें ज्यादा पता है। रोज-रोज खाती जो रहती हो।
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91
मोहब्बत तोह आज भी करते है, लेकिन तू बे -खबर है, कल की तरह.
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11
नींद भी नीलाम हो जाती है, बाज़ार-ए-इश्क में, किसी को भूल कर सो जाना, आसान नहीं होता। ❤️
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काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
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कहने को तो जिंदगी गुलजार है, हाथों में चाय, और हम बेरोजगार है...?
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खुद को हमेशा OTP की तरह बनाओ, ताकि कोई दूसरी बार आपका इस्तेमाल ना कर सके।?
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"गलती उसी इंसान से होती है जो काम करता है... काम न करने वाले सिर्फ गलती ढूंढते है.!"
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504
फर्क तोह लोगो की सोच का है वरना दोस्ती भी मोहब्बत से कम नहीं होती.
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बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?
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303
तुम सिर्फ मेरा नाम जानते हो, उसके पीछे की कहानी नहीं..! ?
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19
जख्म देते हो फिर कहते हो सहते रहो, जान लेकर कहोगे जीते रहो.
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पुरानी होकर भी खास होती जा रही है मोहब्बत बेशर्म है जनाब बेहिसाब होती जा रही है |
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तन्हा रातें कुछ इस तरह से डराने लगी मुझे, मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया..!!??
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27
कहाँ से लाऊं वो नसीब, जो तुझे मेरा कर दे...
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17
कभी आओ इस क़दर की आने में लम्हा और जाने में ज़िन्दगी गुज़र जाये
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वो जो कल रात चैन से सोया हैं , उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..
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नही बस्ती किसी और की सूरत अब इन आंखों में, काश हमने तुझे कभी इतने गौर से न देखा होता |??
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धड़कनों को कुछ तो काबू कर ले ऐ ❤️ दिल , अभी तो पलके झुकाई है, मुस्कुराना ? बाकी है उनका…
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लौटना मत भूल के भी, इश्क़ से नफरत हो चुकी है अब।??
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दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको, हम तो दोस्तो के रूठ जाने से डरते है !❤️?
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किसे पुछूँ ? है ऐसा क्यों ?…बेजुबान सा ये जहां है ..
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