कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!
Copy
16
एक अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जहाँ लोग मिलते कम, झाँकते ज्यादा है..!
Copy
65
बोर होने पे MSG करेगा तो रिप्लाई भी फ्री होने पे मिलेगा
Copy
97
फर्क नहीं पड़ता अब जो कोई दिल दुखये, बता दो उन्हें घाव पर घाव दर्द नहीं करते.
Copy
12
ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है
Copy
402
बेबसी किसे कहते है, कोई हमसे पूछे, उसका नम्बर तो है पर बात नही कर सकते..!!
Copy
31
यहाँ तो खुद से ही मिले जमाना हो गया ... और लोग कहते है कि हमें भूल गये हो तुम ...
Copy
42
दिल परेशान रहता है उनके लिए, हम कुछ भी नही है जिनके लिए !
Copy
30
किसीने क्या खूब कहाँ हैं, मोहब्बत नहीं यादें रुलाती हैं..!?
Copy
34
खिलाफ कितने हैं फर्क नहीं पड़ता, जिनका साथ है लाजवाब है ! ?
Copy
178
बड़ा गजब किरदार है मोहब्बत का, अधूरी हो सकती है मगर खत्म नहीं!
Copy
5
मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.
Copy
106
मै जिंदगी गिरवी रख दुंगा,तु सीर्फ कीमत बता मुस्कुराने ? की. ?
Copy
111
?ऐसा नहीं के मैं रोती नहीं..बिखरती नहीं..टूटती नहीं..पर सलामत रहे मेरे दोस्त..जो हर बार जोड कर मुझे पहले जैसा नया कर देते है !!?
Copy
652
दिखावे के शरीफ बनने की आदत नही है, ?हमारे शब्द चाहे जैसे भी हो खुलेआम बोलते है | ?
Copy
70
तुम बिन जिया जाए कैसे …कैसे जिया जाए तुम बिन…
Copy
112
मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है , आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
Copy
111
"हमसे बात करनी हो तो दिल से करना, क्योंकि time pass तो में selfie लेकर भी कर लेता हूँ !!"
Copy
28
लाज़मी है तुम्हारा खुद पर गुरूर करना, हम जिसे चाहे वो मामूली हो भी नहीं सकता..??
Copy
53
कौन कहता है तेरे दर से मांगने वाला गरीब होता है जो तेरे दर तक पहुच जाय वो सबसे बड़ा खुशनसीब होता है
Copy
76
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!?
Copy
83
कुछ तो खास है जो तुझे मुझसे जोड़े रखता है वरना इतना माफ़ तो मैंने खुद को भी नहीं किया.
Copy
21
दुश्मन तो बहुत है ? पर वो कहते है, ना शेर का शिकार कुत्तों ? से नहीं होता |
Copy
57
गलतफ़मियों मेहीखोगये वो रिश्ते, वरना कुछ वादे अगले जन्म के भी थे! ::
Copy
11
"तू मोहब्बत है मेरी इसलिए तो दूर है, अगर ज़िद्द होती तो शाम तक बाहों में होती !!"
Copy
25
अजीब अंदाज़ है मेरे महबूब की मासूमियत का, मैं तस्वीर में भी देखूँ तो वो पलकें झुका लेती है |??
Copy
75
दुनिया आज भी मेरी दीवानी है और एक हम है कि उनके इंतज़ार में तन्हा बैठे रहते है।
Copy
18
किताबों की अहमित, अपनी जगह है जनाब, सबक वही याद रहता है, जो वक़्त और लोग सिखाते हैं।?❤️
Copy
123
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
Copy
799
कुछ तो मजबूरियां रही होगी उनकी भी, यूं चाहकर तो कोई बेवफा नहीं होता .
Copy
16