जरुरी तो नहीं हर पल तेरे पास रहू मोहब्बत और इबादत दूर से भी की जाती है
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आप होशियार है अच्छी बात है, पर हमें मूर्ख ना समझे यह उससे भी अच्छी बात है !??
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67
क्यों उसको याद करके तू आज भी रोता है, ये मतलबी दुनिया है मेरे दोस्त यहां कोई किसी का नहीं होता है।
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वो खूबसूरत तो बहुत है साहब, पर में शायर उनके साँवले रंग को देखकर बना था.
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कदर कर लिया करो, वक्त बदला गया, तो फिर Appointment लेते फिरोगे!??
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फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था
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किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
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हर रोज तेरी यादों का हिसाब कर लेता हूं, मैं थोड़ा हंस लेता हूं; थोड़ा रो लेता हूं मैं ||
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बिकने वाले और भी हैं जाओ जाकर खरीद लो, हम कीमत से नहीं किस्मत से मिला करते हैं।
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51
लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती है, मै अरसो से खामोश हूँ, वो बरसों से बेखबर है ?
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26
मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से मतलब नही। कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है!!❤️
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220
अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....
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मिलना तेरा मिलना मेरा …मिलना था क़िस्मत में लिखा…
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87
मैं बंदूक और गिटार दोनों चलाना जानता हूं, तय तुम्हे करना है कि तुम कौन सी धुन पर नाचोगी..!!?
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थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
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"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
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160
आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की , हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की
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बेमतलब की ज़िन्दगी का सिलसिला अब ख़त्म, अब जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम.?
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चीजें खुद नहीं होतीं , उन्हें करना पड़ता है
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तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है,ना कोई बात सुनता है .....
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टेक्नोलॉजी ? की क्या बात करते हो जनाब,आजकल मोहब्बत भी ऑनलाइन ? हो जाती है..
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छोड़ कर जाने वाले क्या जाने, यादों का बोझ कितना भारी होता है ?
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हमे पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो हमारा शहर तो बस यूँ ही रस्ते में आया था
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कभी आओ इस क़दर की आने में लम्हा और जाने में ज़िन्दगी गुज़र जाये
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न जाने कैसा नशा है ये आशिक़ का इसमें इंसान कम और खिलौना ज्यादा नज़र आता है |
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11
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
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17
छूकर भी जिसे छू न सके, वो चाहत होती हैं इश्क़ , कर दे फना जो रूह को, वो इबादत होती हैं इश्क़
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पैदा तो हम भी शरीफ हुए थे, पर शराफत से अपनी कभी बनी ही नहीं?
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यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी , ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...
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बड़ी जीत बड़ा शोर होगा..तुम्हारा सिर्फ वक़्त है हमारा दौर होगा |?
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