बुरी आदतें अगर वक़्त पे ना बदलीं जायें, तो वो आदतें आपका वक़्त बदल देती हैं.
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बातों को तेरी हम भुला ना सके …होके जुदा हम ना जुदा हो सके …
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जिससे मिलने के बाद जीने की उम्मीद बढ़ जाये, समझना वही प्रेम है |
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वो मेरा नहीं फिर भी मेरा है, ये कैसी उम्मीद ने मुझे घेरा है |❤️
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बेशक किसीको माफ बार बार करो, लेकिन उसपर भरोसा एक ही बार करो..!??
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यक़ीं न आए तो इक बार पूछ कर देखो जो हँस रहा है वो ज़ख़्मों से चूर निकलेगा...
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मैं जो हूँ सो हूँ, लोगो की सोच से मुझे घण्टा भी फर्क नही पड़ता..!??
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छोड़ दिया हमने अब उन गलियों से गुजरना, जहाँ हमें देखने के लिए कभी वो इंतज़ार किया करती थी।
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गिरे हुए लोगों को उठाना नही ? भूलना सीखो। ??
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एक खूबसूरत सा रिश्ता यूँ खतम हो गया..हम दोस्ती निभाते रहे…..और उसे इश्क हो गया
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काम ऐसा करो की लोग कहें तू रहने दे हम खुद कर लेंगे
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दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है?
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उनके प्यारे से चेहरे पर रंग लगा देते! वो पास होते तो हम भी होली मना लेते !!
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न शक न शिकवा न शिकायत थी हमें बस हर रोज तुम्हें देखने की आदत थी हमें |
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जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...
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सारी दुनिया रूठ जाए मुझे कोई दुख नहीं बस एक तेरा खामोश रहना... मुझे अन्दर तक तकलीफ़ देता है..
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अगर आप ख़ुश हो तो ये दुनियाँ रंगीन लगती है...वर्ना नम आँखों से तो आईना भी धुंधला नजर आता है।
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आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।
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वाक़िये ? तो अनगिनत हैं #ज़िंदगी के, समझ नहीं आता, कि किताब लिखूँ या हिसाब ? लिखूँ..
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हम सादगी में झुक क्या गए, तुमने तो हमे गिरा हुआ समझ लिया |?
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ऐसे कार्य करें जिससे की आपको लगे कि आपके काम से अंतर आ रहा है. और अंतर आता भी है
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दिलों की बात करता है, जमाना, पर मोहब्बत आज भी, चेहरे से शुरू होती है |?
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क्या करोगे अब पास आकर, खो दिया तुमने बार-बार आजमा कर |??
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तकलीफ ये नही की किस्मत ने मुझे धोखा दिया अफसोस तो ये हे की मेरा यकीन तुम पर ? था किस्मत पर नही ✖️
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बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
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जिंदा हूँ तब तक तो हालचाल पुछ लिया करो, मरने के बाद हम भी आजाद तुम भी आजाद |?
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कर्जदार हूं उस हकीम का, जिसनें दवा में तेरा दीदार लिखा |
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जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.
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कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं
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कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है
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