मुझे समझना इतना आसान नहीं.. गहरा समुंदर हूं खुला आसमान नहीं...?
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वक़्त मिले तो बात कर लिया करो, मौत का सीजन चल रहा है, पता नहीं कल क्या होगा। ❤️?
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अपनी औकात में रहना सीख बेटा. वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है, वो श्मशान में भटकते है.??
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वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
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कमाल करता है, तू भी ऐ दिल. उसे फुर्सत नहीं और तुझे चैन नहीं. ॥
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18
वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे ; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है
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सपने को पाने के लिए समझदार नहीं पागल बनना पड़ता है
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आज नज़र अंदाज़ कर रहे हो, कल याद करोगे..।?
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जिस दिल में तेरा नाम बसा था हमने वो दिल तोड़ दिया ना होने दिया बदनाम तुझे तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया
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हम मरेगें भी तो उस अंदाज से मरेगें, जिस अंदाज में लोग जीने को भी तरसते है
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ये बार बार छोड़ने का शौक तुम्हें ही था, हमनें तो पलके तक भिगोई थीं तुम्हें रोकने के खातिर.
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धन भी रखते है गन ? भी रखते है, और_सुन बेटा, थोड़ा हटके रईयो वरना, ठोकने का ज़िगर ? भी रखते है।
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अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
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22
आ बैठ मेरे मालिक आज बटवारा कर ही लें, सारी दुनिया तेरी और सिर्फ तूं मेरा |
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तुम नहीं मिले तो क्या हुआ सबक़ तो मिल गया| ?
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16
कैसा अजीब खेल है मोहब्बत का जनाब, एक थक जाए तो दोनों हार जाते हैं |
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5
हम सिर्फ अच्छे दोस्त हैं कुछ ऐसी ही होती है अधूरी मोहब्बत.!!
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खफा रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम, लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते। ?
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किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
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गिरे हुए लोगों को उठाना नही ? भूलना सीखो। ??
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तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!
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आप होशियार है अच्छी बात है, पर हमें मूर्ख ना समझे यह उससे भी अच्छी बात है !??
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ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
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इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए , तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .
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मोहब्बत तो मेरी आधी रह गई, मगर खुश हूँ मैं क्यूंकि उसका टाइम पास तो पूरा हो गया ||
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वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नहीं होती, जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है |
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सहारे ढूंढने की जरूरत नहीं हमारी, हम अकेले ही पूरी महफ़िल के बराबर है |?
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हमे किसी कि दिल से खेलने कि आदत नहीं और कोई हमारे दिल से खेले इतनी किसी में ताकत नहीं ?
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एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।
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कहाँ से लाऊं वो नसीब, जो तुझे मेरा कर दे...
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