अगर किस्मत में लिखा है रोना, तो कोई मुस्कुराने पर भी आंसू निकल आते हैं||
Copy
29
गलती उसकी नहीं मेरी ही थी, अंजाम पता था, फिर भी दिल लगा बैठे.
Copy
15
एक आखिरी मुलाक़ात की ख्वाहिश थी पर अलविदा भी वो फ़ोन पर ही कह गए....?
Copy
67
एक सच्चा मित्र वो है जो उस वक़्त आपके साथ खड़ा है जब उसे कहीं और होना चाहिए था
Copy
312
वो मंज़िल ही बदनसीब थी, जो हमे न पा सकी वरना जीत की क्या औकात जो हमे ठुकरा दे |?
Copy
45
मै तो फना हो गया उसकी एक झलक देखकर ना जाने हर रोज़ आईने पर क्या गुजरती होगी।
Copy
35
इंतज़ार मत करो जितना तुम सोचते हो ? ... जिंदगी उससे कहीं ज्यादा तेजी से निकल रही है.... ?
Copy
34
“प्यार का रिश्ता कितना अजीब होता है, मिल जाये तो बातें लम्बी और बिछड़ जाए तो यादें लम्बी।”
Copy
18
साथ साथ धूमते है, हम दोनो रात भर..! लोग मुझे आवारा, और उसे चाँद कहते है..!
Copy
27
मुझे ख़ुद को बेक़सूर सबित करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं जानता हूँ कि मैं बेक़सूर हूँ। ?
Copy
20
शाम उतरने लगी है खिड़की पर, बेसबर आँखों को चाँद का इंतजार है..!
Copy
15
टूटे हुए दिल भी धड़कतें हैं उम्र भर, चाहें किसी की याद में चाहे किसी की फरियाद में।
Copy
3
नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे , जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले ?
Copy
128
मोहब्बत सिर्फ लफ्जो से बयां नहीं होती,अदाओ में भी कुछ राज छूपे होते है.?
Copy
72
मैने तो बस तुमसे बेइंतहा मोहबत कि है , ना तुम्हे पाने के बारे मे सोचा है ना खोने के बारे मे
Copy
44
रोये बगैर तो प्याज भी नही कटता, यह तो जिंदगी है जनाब, ऐसे-कैसे कट जाएगी..?
Copy
32
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
Copy
79
जाने का कोई इरादा नहीं था, पर रुककर भी क्या करते, जब तू ही हमारा नहीं था ?
Copy
86
प्यार आज भी तुझसे उतना ही है बस तुझे एहसास नहीं और हमने भी जताना छोड़ दिया
Copy
244
उसने कहा तुम सबसे अलग हो, सच कहा और कर दिया मुझे सबसे अलग |
Copy
34
मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
Copy
62
जिसे सोचकर ही चेहरे पर ख़ुशी आ जाए वो खूबसूरत एहसास हो तुम.
Copy
21
कर दिया न फिर से तन्हा, कसम तो ऐसे दी थी जैसे तुम सिर्फ मेरे हो !!
Copy
36
माना कि तुझसे दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है
Copy
17
दर्द मुझको ढूंढ लेता है रोज़ नये बहाने से... वो हो गया है वाकिफ़ मेरे हर ठिकाने से..❤️
Copy
11
जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है
Copy
88
गलतफहमी में ना रहना की जो लिखता हूँ तेरे लिए लिखता हूँ, क्यूँकि मेरे शब्द इतने सस्ते नही की तुझपे जाया करूँ।?
Copy
82
वो खूबसूरत तो बहुत है साहब, पर में शायर उनके साँवले रंग को देखकर बना था.
Copy
13
अपनी औकात में रहना सीख बेटा. वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है, वो श्मशान में भटकते है.??
Copy
127
मिलना तेरा मिलना मेरा …मिलना था क़िस्मत में लिखा…
Copy
87