आँसू आ जाते हैं आँखों में पर लबों पर हंसी लानी पड़ती है ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है
Copy
215
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।
Copy
233
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाएं.. तो उन्हें आज़ाद कर देना चाहिए..?
Copy
104
सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया.
Copy
9
ख्वाइश है की पूरी ये ख्वाइश हो जाए, वो छाता एक ही लाए और बारिश हो जाए.
Copy
11
मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है , मिल जाए तो भी ना मिले तो भी
Copy
69
वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से, दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया!!❤️
Copy
59
हमने कहा दीवानगी क्या होती है, उसने कहा दिल तुम्हारा हुकूमत हमारी.
Copy
22
आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं.. आंख बरसे तो क्या किया जाए..??
Copy
231
हर कोई बदल जाता है जब उन्हें आपसे कोई बेहतर मिल जाता है....??
Copy
37
पुछा किसी ने की याद आती है उसकी में मुस्कुराया और बोला तभी तो ज़िंदा हूँ..!
Copy
20
अब अगर तुम जाने ही लगे हो तो पलट कर मत देखना, *क्योकि मौत की सजा लिखने के बाद कलम तोड़ दी जाती है*
Copy
759
हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए , हम समुन्दर से भी गहरे हो गए
Copy
31
तेरे दिल के बाजार में मै रोज़ बिकती हुं , कुछ लफ्ज़ तेरी यादों के हर रोज़ लिखती हुं
Copy
27
उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
Copy
102
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
Copy
665
निभा दिया उसने भी दस्तूर दुनिया का तो गिला कैसा पहचानता कौन है यहां मतलब निकल जाने के बाद...
Copy
10
“मशहूर होने का शोक नहीं है, लेकिन क्या करे लोग नाम से ही पहचान लेते है।” ??
Copy
12
खुद की पहचान बनाने में जो मजा है, वो किसी की परछाई बनने में नहीं।?
Copy
216
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...
Copy
108
किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!
Copy
128
रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..
Copy
2K
आज एक ख्वाब ने बड़ी नजाकत से पूछा मुझसे... पूरा करोगे या टूट जाऊ ??
Copy
34
उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है
Copy
22
इश्क का समंदर भी क्या समंदर है... जो डूब गया वो #आशिक... जो बच गया वो #दीवाना... जो तैरता ही रह गया वह #पति
Copy
177
ताश के पतो की तरह हूँ जिस दिन चलूँगा, उस दिन बाजी पलट दूंगा..!
Copy
36
नहीं है मेरी फितरत में ये आदत, वरना तेरी तरह बदलना मुझे भी आता है.??
Copy
72
न रहा करो उदास किसी वेबफा की याद में, वो खुश है अपनी दुनिया में तुम्हारी दुनिया उजाड़ के।
Copy
2