तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास , लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको
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मुझे समझना इतना आसान नहीं.. गहरा समुंदर हूं खुला आसमान नहीं...?
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शिकायत जिन्दगी से नहीं , उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है
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आओ तुम्हे तुम्हारी औकात दिखाते हैं, तुम जिसे आप कहते हो वो हमे बाप कहते हैं...
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हँसते हुए चेहरों को ग़मो से आजाद ना समझो, मुस्कुराहट की पनाहों मे हजारों दर्द होते है..!!
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जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
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बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है
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जंगल में फिर खौफ ? छा रहा है सुना है घायल शेर ? फिर वापस आ रहा है !
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न ताज चाहिए न तख़्त चाहिए, मुझे यारों के साथ चाय पर वक़्त चाहिए..❤️
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कर्जदार हूं उस हकीम का, जिसनें दवा में तेरा दीदार लिखा |
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हम बादशाहो के बादशाह ? हैं, ये गुलामो वाली हरकत हमसे नहीं होती। ?
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हमारी ताकत का अंदाजा हमारे ज़ोर से नहीं , दुश्मन के शोर से पता चलता है !??
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बर्दाश्त नहीं तुम्हे किसी और के साथ देखना, बात शक की नहीं हक़ की है...!!
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17
रेस जब लंबी हो तो घोड़े चलते हैं और गधे दौड़ते हैं।
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एक तमन्ना थी कि ज़िन्दगी रंग बिरंगी हो और दस्तूर देखिए, जितने मिले गिरगिट ही मिले | ❤️
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जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया
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नाम कमाने के लिए दिमाग ? से चलना पड़ता हैं दिल ❤️ से नहीं!
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उनकी नफरत बता रही है, हमारी मोहब्बत गज़ब की थी ?
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एक गुलदस्ता लाया था उस तितली की खातिर जो अब किसी और के बग़ीचे में उड़ती है |
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खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं
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दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.
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शरीर जल से पवित्र होता है, मन सत्य से, बुद्धि ग्यान से, और आत्मा धर्म से
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मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका
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यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
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कितनी छोटी सी दुनिया है मेरी, एक मै हूँ और एक दोस्ती है तेरी….....!
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किसी चीज की सिर्फ चाह रखने से ही कुछ नहीं होता, तुम्हारे अंदर उसे पाने की भूख होनी चाहिए!
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बुरी आदतें अगर वक़्त पे ना बदलीं जायें, तो वो आदतें आपका वक़्त बदल देती हैं.
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कौन पूछता है पिंजरे में बंद परिंदों को, साहब याद वही आते है जो उड़ जाते है !!?️?️
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माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे..*तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान हैं...!!??
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लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
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