रंग तो मौसम और बादल भी बदलते है, पर तुम जैसा कोई नही |?
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नफरत के बाज़ार में जीने का अलग ही मज़ा है, लोग रुलाना? नहीं छोड़ते हम हसना? नहीं छोड़ते….!!
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सिकंदर तो हम अपनी मर्जी से है, पर हम दुनिया नहीं दिल ❤️ जितने आये हे।
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तू पनाह मेरी, तू साया मेरा ….तू मंजिल मेरी, मैं मुसाफ़िर तेरा…
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मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
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चीजें खुद नहीं होतीं , उन्हें करना पड़ता है
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इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....
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मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
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मोहब्बत में शक ? और गुस्सा ? वही लोग करते हैं, जो आपको खोने से डरते हैं।
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अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....
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मुझमें अपनी मुश्क मिला दी, फिर दुनिया रंगीन बना दी। मुझको अपनी सांसें कहकर, तुमने मेरी जान बचा दी।
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खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते हैं, पर दहशत हमेशा शेर की रहती है.?
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बुरा वक़्त है बदल जायेगा, लेकिन बदले हुए लोग याद रहेगे |?
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क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
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कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
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तू मिले या ना मिले, ये मेरे मुक़ददर की बात हैं, सुकून बहुत मिलता हैं तुझे अपना सोचकर.
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दुरिया मायने नहीं रखती, जब दिल एक दुसरे के वफादार हो।
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बकवास करते रहना चाहिए मन लगा रहता है
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कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले,मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
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दोस्तों के दिल ❤️ में और दुश्मन के दिमाग ? मे रहना आदत है हमारी..?
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दुनिया ? तुम्हे उस वक्त तक नहीं हरा सकती, जब तक तुम खुद से ना हार जाओ…
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लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो
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वाक़िफ़ कहाँ दुश्मन अब हमारी उड़ान से, वो कोई और थे जो हार गए तूफान से. ?
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12
खामोश था मैं ? तुमने कमजोर समझ लिया?
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उसकी जीत के लिए उससे हार जाना , कमाल है ये एक तरफ़ा इश्क़ निभाना !
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उनका बादा भी अजीब था - बोले जिन्दगी भर साथ निभाएंगे ,पर पागल हम थे - ये पूछना भूल ही गए के मोहबत के साथ या यादो के साथ !
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रूप रंग ही अगर प्रेम का आधार होता, तो जिसे कभी देखा ही नहीं उससे कैसे प्यार होता। ❤️❤️
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शीशे की तरह साफ़ हूँ फिर भी न जाने क्यू अपनों की समझ से बाहर हूँ..?
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बादशाह नही, टाइगर हूँ मैं, इसलिए लोग इज्ज़त से नही, मेरी इजाज़त से मिलते है।?
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फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
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