समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी
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किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है दोस्तों ! ये मुझे जीतने नहीं दे रही, और हार मैं मान नहीं रहा
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639
सोचा था कि बताएंगे सब दर्द तुमको, पर तुमने तो इतना भी न पूछा कि ख़ामोश क्यों हो |?
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36
हम तो हँसते हैं दूसरों को हँसाने के लिए, वरना ज़ख्म तो इतने हैं कि ठीक से रोया भी नहीं जाता
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71
आओ तुम्हे तुम्हारी औकात दिखाते हैं, तुम जिसे आप कहते हो वो हमे बाप कहते हैं...
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बस एक बार , उलझना है तुमसे, बहुत कुछ , सुलझाने के लिये
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छोड़ कर जाने वाले क्या जानें , यादों का बोझ कितना भारी होता है ...
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13
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
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यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
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ज्यादा ख़्वाहिशें न रखिये जिंदगी से, बस अगला कदम पिछले से बेहतरीन होना चाहिए..❤️
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बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है
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तुम जलते रहोगे आग ? की तरह, और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह| ?
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तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है
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जिस चीज़ का तुम्हे खौफ है, उस चीज़ का हमे शौंक है।
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क्यों गरीब समझते हैं हमें ये जहां वाले, हजारों दर्द की दौलत से मालामाल हैं हम…...!
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चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी,और फिर तुम मिल गए!
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हारने के बाद भी खड़ा होना चाहिए, इंसान का संघर्ष इतना बड़ा होना चाहिये |
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मै तब भी अकेला नहीं था, नहीं आज भी हु, तब यारो का काफिला था, आज यादो का कांरवा है
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बनावटी रिश्तो से ज्यादा, सुकून देता है अकेलापन |
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“होठों की हँसी को ना समझ हक़ीक़त-ए-जिंदगी,दिल में उतर के देख हम कितने उदास है”
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तुने अच्छा ही किया मुझे गलत समझ कर, में भी थक गया हूँ खुद को साबित कर-कर के.
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20
मंज़िल ख़्वाब बन कर रह जाए ,बिस्तर से इतना प्यार भी मत करो..!?
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दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी,बस एक बार तू कह दे कि मैं अमानत हूं तेरी…
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क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जायेगी, हमें तो बस तेरा मुस्कुराना अच्छा लगा था |
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झुण्ड की जरूरत तो कमजोरो को पड़ती हैं , तबाही मचाने के लिए तो मुझ जैसा एक शेर ही काफी हैं .? ?
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चार बोटल पेपसी ...कार मेरी टेक्सी..फोन मेरा गेलेक्सी..माल मेरा सेक्सी ????
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उसने पूछा क्या पसंद है, तुम्हें ? में बहुत देर तक उसे देखता रहा..
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लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
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दहशत बनाओ तो शेर जैसी, बरना खाली डराना तो कुत्ते भी जानते है |?
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कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
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