खामोश था मैं ? तुमने कमजोर समझ लिया?
Copy
76
ये सोच कर की शायद वो खिड़की से झाँक ले, उसकी गली के बच्चे आपस में लड़ा दिए मैंने
Copy
137
सिनेमा नहीं हकीकत है जिंदगी, जाने बाले पलटकर नहीं देखा करते.!!
Copy
23
बहुत नाराज़ थे तो रो ? पड़े, अपनों से क्या ही शिकायत करते। ?
Copy
17
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
Copy
251
तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है
Copy
54
कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.
Copy
123
“वक़्त का इंतज़ार कीजिए जनाब, इस बार हम नहीं, आप हमसे मिलने आएंगे।”?
Copy
86
दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन,ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
Copy
81
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
Copy
175
अपनी एक ही पहचान है हस्ता चेहरा शराबी आँखें नवाबी शान और दोस्तों के लिए जान
Copy
291
जो लोग ज्यादा हस्ते है ना, अक्सर लोग उनके अंदर का दर्द समझ नहीं पाते है...
Copy
33
छोड़ कर जाने वाले क्या जाने, यादों का बोझ कितना भारी होता है ?
Copy
9
सिंगल होने का दुख नही है, ? गम इस बात का है, कि साला कोई यकीन नही करता | ?
Copy
78
जो हमे समझ ही नहीं सका, उसे हक है हमें बुरा समझने का।?
Copy
84
तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है,ना कोई बात सुनता है .....
Copy
121
छोड़ दिया हमने अब उन गलियों से गुजरना, जहाँ हमें देखने के लिए कभी वो इंतज़ार किया करती थी।
Copy
57
गलती भूल जाओ मगर सबक हमेशा याद रखना..!
Copy
133
क्यों लगता है वो आसपास है जिसका दूर तक कोई सुराग नहीं।
Copy
34
जरुरी तो नहीं हर पल तेरे पास रहू मोहब्बत और इबादत दूर से भी की जाती है
Copy
20
ज़ारो चेहरों में एक तुम दिल को अच्छे लगे, वरना ना चाहत की कमी थी ना चाहने वालो की.
Copy
14
अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....
Copy
442
तुम बदलकर तो देखो , हम पलटकर भी न देख़ेगे।।
Copy
73
मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
Copy
1K
सीख जाओ वक्त पर किसी की चाहत की कदर करना, कहीं कोई थक ना जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते |❤️
Copy
51
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
Copy
37
इश्क ना सही फिकर है तू ना सही तेरा ज़िकर है |
Copy
21
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं । भर्गो देवस्य धीमहि, धीयो यो न: प्रचोदयात् ।।
Copy
233
दुनिया में रहने की सबसे अच्छी दो जगह किसी के दिल में या किसी की दुआओं में ?
Copy
141
जिन्हें पता होता हैं। की अकेलापन क्या होता हैं । ऐसे लोग दुसरो के लिए । हमेशा हाज़िर रहते हैं ।
Copy
35