पता नहीं तेरे लगाये हुए ज़ख्म क्यूँ नहीं भरते, मेरे लगाये हुए तो पेड़ भी सूख जाते हैं |
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कभी-कभी इरादा, सिर्फ दोस्ती का होता है, और पता ही नहीं चलता, मोहब्बत कब हो जाती है। ? ?
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जब छोटे थे तो बातें भूल जाते थे तो सब कहते थे याद रखना सीखो, अब जब बड़े हो गए हैं तो हर बात याद रहती है तो सब कहते हैं भूलना सीखो.
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वक़्त मिले तो बात कर लिया करो, मौत का सीजन चल रहा है, पता नहीं कल क्या होगा। ❤️?
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मन था : भर गया इंसान था : बदल गया ?
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लिबास कितना भी कीमती हो, घटिया किरदार को छुपा नहीं सकता??
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नफ़रत की एक बात अच्छी लगी मुझे, ये मोहब्बत की तरह झूठी नहीं है साहब !!?❤️
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हम मरेगें भी तो उस अंदाज से मरेगें, जिस अंदाज में लोग जीने को भी तरसते है
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ग़ालिब ने खूब कहा है - ऐ चाँद तू किस मज़हब का है , ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
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जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
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मुझे मरने का शौक तो नहीं है पर, तेरे इश्क़ से बेहतर मौत ही है..!
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मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है , आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
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अजीब खेल है ये मोहब्बत का किसी को हम न मिले कोई हमें ना मिला |
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कभी-कभी कुछ रिश्तों से बाहर आ जाना ही अच्छा होता है, EGO के लिए नही, SELF-RESPECT के लिए...
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साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है, जब 'चैन' हो.. ?
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साथ तो जिंदगी भी छोड़ देती है, शिकायत लोगों से क्या करना..
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भाड़ में जाए लोग और लोगो की बातें, हम तो वैसे ही जिएंगे जैसे हम जीना चाहते है।?
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सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए, और ज़िन्दगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए।
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दिल ए नादान तू भी अजीब पागल है, तुझे सिर्फ वो चाहिए, जो तेरा हो नही सकता..|❤️❤️
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मुझे छोड़ दो मेरे हाल पे, जिन्दा हूँ यार, काफी है..!
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मैं ख़ुशी तलाश कर रहा था और मुझे तुम मिल गए |
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घमंडी नही हूं साहब बस जहां दिल ना करे वहां जबरदस्ती बात करने की आदत नहीं मेरी..!??
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दिल धोखे में है और धोखेबाज़ दिल में
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कौन कहता है कि वक्त बहुत तेज़ है, कभी किसी का इंतज़ार तो करके देखो..⌛
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मेरा Attitude तो मेरी निशानी है, तु बता तुझे कोई परेशानी है ?
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हंसता तो रोज हूं, पर खुश हुए जमाना हो गया।
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जब भी जिंदगी रुलाये समझना गुनाह माफ़ हो गये...जब भी जिंदगी हँसाये समझना दुआ कुबूल हो गई...
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ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.
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रिश्ता जताया नहीं निभाया जाता है,फिर चाहे वो दूर हो या पास.
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मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!?
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