वजह तलाश करो अपने हार जाने की किसी की जीत पे रोने से कुछ नहीं होगा!
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तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है
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बहोत याद आते हो तुम, दुआ करो,मेरी याददाश्त चली जाये..!
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कभी-कभी इरादा, सिर्फ दोस्ती का होता है, और पता ही नहीं चलता, मोहब्बत कब हो जाती है। ? ?
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अपनी पीठ से निकलें खंजरों को जब गिना मैंने, ठिक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने।??
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जो फ़ुरसत मिली तो मुड़कर देख लेता मुझे एक दफा तेरे प्यार में पागल होने की चाहत मुझे आज भी हे !
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थोडा इंतजार कर ए दिल, उसे भी पता चल जाएगा की उसने खोया क्या है !
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सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं , बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है
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आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.
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कौन कहता है के दोस्ती बर्बाद करती है निभाने वाला मिल जाये तोह दुनिया याद करती है
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तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल..जिनके चाहने वाले ज्यादा हो..वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं”
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पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
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“कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बोहत से लोग है जिनका हिसाब करना है।”??
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वक्त से हारा या जीता नही जाता, केवल सीखा जाता हैं।?
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233
हम जो सोचते हैं , वो बन जाते हैं
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दिखावे के शरीफ बनने की आदत नही है, ?हमारे शब्द चाहे जैसे भी हो खुलेआम बोलते है | ?
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उदास नहीं होना,क्योंकि मै साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल मे देखोगे, मै हर पल तुम्हारे साथ हूँ !
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अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
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अगर जिंदगी ? में कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो, इरादे नही। ?
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जब शिकार का वक़्त होगा, तब हम जंगल जरुर आयेगें! ?
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कुछ दोस्त पकोड़े जैसे होते हैं थोड़ा सा ध्यान ना दो तो जल जाते हैं
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पैदा तो हम भी शरीफ हुए थे, पर शराफत से अपनी कभी बनी ही नहीं?
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जिगर वालों को डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहाँ भी कदम रखते हैं, जहाँ कोई रास्ता नहीं होता..!?
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खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है . खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
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तेरी मुहब्बत भी किराये के घर की तरह थी, कितना भी सजाया पर मेरी नहीं हुई.??
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अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !
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समेट कर सारे जज़्बात रख दिये सिरहाने थोड़े सुकून के हक़दार हम भी हैं...
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उँगलियाँ यूँ न सब पर उठाया करो, खर्च करने से पहले कमाया करो, ज़िन्दगी क्या है खुद ही समझ जाओगे, बारिशों में पतंगें उड़ाया करो | ❤️?
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जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाएं.. तो उन्हें आज़ाद कर देना चाहिए..?
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किसे पुछूँ ? है ऐसा क्यों ?…बेजुबान सा ये जहां है ..
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