हिचकियां रूक ही नहीं_रही हैं आज, ☝ पता नहीं हम किसके दिल ❤ में अटक_गए हैं ।।
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जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.
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शर्त घोड़ो पर लगाई जाती हैं, शेरों पर नहीं..!
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सुनो जान तुम मेरी पहली और आखरी पसंद नहीं बल्कि तुम मेरी एकलौती पसंद हो
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अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी, लोग तसल्लियाँ तो देते हैं, पर साथ नहीं।?
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जो इश्क़ दूरियों में भी बरकरार रहे वो, इश्क़ ही कुछ और होता है.
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मेरी याद क़यामत की तरह है एक दिन ज़रूर आएगी
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न रहा करो उदास किसी वेबफा की याद में, वो खुश है अपनी दुनिया में तुम्हारी दुनिया उजाड़ के।
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कुछ खोये बिना हमने पाया है, कुछ मांगे बिना हमें मिला है, नाज़ है हमें अपनी तक़दीर पर जिसने आप जैसे दोस्त से मिलाया है
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मुझे समझने के लिये ! आपका समझदार होना ज़रूरी है !!"
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हारने के बाद भी खड़ा होना चाहिए, इंसान का संघर्ष इतना बड़ा होना चाहिये |
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रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..
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मुद्दतें हो गईं हैं चुप रहते , कोई सुनता तो हम भी कुछ कहते
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बादशाह नहीं बाजीगर से पहचानते है लोग.. क्युकी हम रानियो के सामने झुका नहीं करते ❤️?
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दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको, हम तो दोस्तो के रूठ जाने से डरते है !❤️?
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हजारों उलझने राहों में, ? और कोशिशे बेहिसाब, इसी का नाम है जिंदगी, चलते?रहिए जनाब।
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उम्मीदों की शमा को कभी बुझने ना देना, एक जुगनू ही काफी है उजाले के लिए।?
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कोई तन दुखी, कोई मन दुखी, कोई धन बिन रहत उदास | थोड़े थोड़े सब दुखी, सुखी सिर्फ मेरे सतगुरु के दास ||
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लोग कहते है खुश रहो...काश रहने भी देते ?
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क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी.. अपनी खुशी को छोड़ दिया” उसे" खुश देखने के लिए ??
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टूटी चीज़े हमेशा परेशान करती है, जैसे दिल, नींद, भरोसा और सबसे ज्यादा किसी से उम्मीद..
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ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
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माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।
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मोहब्बत तो सिर्फ मुझे हुई थी, उसे तो तरस आया था मुझ पर।
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इलाज बीमारी का होता है शक का नही। ?
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हमारे जीने का तरीक़ा थोड़ा अलग सा है, हम उम्मीद पर नहीं ज़िद्द पर जीया करते हैं !!"
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आज कल लोग दुआ में कम बुराईयों में ज्यादा याद रखते हैं ?
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बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |
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बर्दास्त करू तो डरपोक, और सामना करू तो बतमीज..!
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कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले,मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
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