मुझे समझना इतना आसान नहीं.. गहरा समुंदर हूं खुला आसमान नहीं...?
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भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है,और दूसरों पर रखो तो कमजोरी !
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वादों की तरह इश्क भी आधा रहा, मुलाकातें कम रही इंतजार ज्यादा रहा.
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पहला प्यार और आखिरी एग्जाम को हम कभी सीरियस नहीं लेते ?
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कभी कभी मेरा दिल करता है कि बैठकर इतना रोऊ कि रोते रोते ही मर जाऊ
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तकदीर और मजहब ने अलग कर रखा है, वरना ये दिल तो कबसे उसका हो रखा है ।।❤️❤️
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क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
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तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा , वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही….!
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पहले तुम ही दुनिया लगते थे.. अब तुम भी दुनिया निकले..!!
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नहीं तुम से कोई शिकायत बस इतनी सी इल्तिज़ा है, जो हाल कर गए हो कभी देखने मत आना..!! ??
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जिंदगी इतनी मुश्किल इसीलिये हैं, क्योंकि लोग आसानी से मिली चीज़ों की कद्र नहीं करते..
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वो तुम्हे डोमिनोस के लिए कहेगी लेकिन तुम भंडारे पर अड़े रहना
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क्या करोगे अब पास आकर, खो दिया तुमने बार-बार आजमा कर |??
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ताश के पतो की तरह हूँ जिस दिन चलूँगा, उस दिन बाजी पलट दूंगा..!
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हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
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"अगर अपनी औकात देखनी है तो अपने बाप के पैसे का इस्तेमाल करना छोड़ दो."
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कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात , न ज़ज्बात
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वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
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मैं रहूँ या ना रहूँ …तुम मुझ में कहीं बाकी रहना…
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जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
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तुने अच्छा ही किया मुझे गलत समझ कर, में भी थक गया हूँ खुद को साबित कर-कर के.
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नियत अच्छी हो और मेहनत सच्ची हो, तो कामयाबी ज़रूर मिलती हैं...
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सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |
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मोहब्बत तोह आज भी करते है, लेकिन तू बे -खबर है, कल की तरह.
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हजारों उलझने राहों में, ? और कोशिशे बेहिसाब, इसी का नाम है जिंदगी, चलते?रहिए जनाब।
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तुझसे नाराज होकर तुझसे ही बात करने का मन, ये दिल का सिलसिला भी कभी ना समझ पाये हम!.!❤️
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ठोकर इसलिए नहीं लगती कि इंसान गिर जाए बल्कि वो तो इसलिए लगती है कि इंसान सुधर जाए .
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हर ख़्वाब मेरा, उम्मीद मेरी …मैं तुझसे जोड़ दूँ…
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हर धोके का हिसाब लेंगे, और तुम्हारा गुरुर चूर-चूर कर देंगे।
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सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
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