मैने तो बस तुमसे बेइंतहा मोहबत कि है , ना तुम्हे पाने के बारे मे सोचा है ना खोने के बारे मे
Copy
44
रोज़ ख्वाबो मे जीता हूँ, वो ज़िन्दगी... जो तेरे साथ मेने हकीकत मे सोची थी..??
Copy
21
एक सुकुन सा मिलता है ? तुझे सोचने से भी, फिर कैसे कह दूँ, मेरा इश्क बेवज़ह सा है | ❤️
Copy
52
जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।
Copy
63
किताबों की अहमित, अपनी जगह है जनाब, सबक वही याद रहता है, जो वक़्त और लोग सिखाते हैं।?❤️
Copy
123
कभी तुम नाराज़ हुए तो हम झुक जाएंगे, कभी हम नाराज़ हुए तो तुम गले लगा लेना...!!
Copy
30
कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!
Copy
16
देर से बनो मगर जरूर कुछ बनो क्योकि वक़्त के साथ लोग खेरियत नहीं हैसियत पूछते है
Copy
270
क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी.. अपनी खुशी को छोड़ दिया” उसे" खुश देखने के लिए ??
Copy
37
अपने लिए नहीं तो उनके लिए कामयाब बनो जो आपको नाकामयाब देखना चाहते हैं .
Copy
193
कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |
Copy
28
जो भी पास था खो चुका हूँ, मैं सबका भला करके बुरा बन चुका हूँ मै..??
Copy
84
खुदा मेरे दुश्मनों को लम्बी उम्र दें ! ताकि वो मेरी क़ामयाबी देख सकें !!"
Copy
5
खूबसूरत लड़कियां ज्यादा पढ़ती नहीं है,वो जानती है दुनिया के किसी कोने में कोई गधा उनके लिए डॉक्टर या इंजीनियर बन रहा होगा
Copy
1K
खुद को माफ़ नहीं कर पाओगे, जिस दिन जिंदगी में हमारी कमी पाओगे |❤️
Copy
18
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
Copy
32
रात भर जलता रहा ये दिल उसकी याद में समझ नहीं आता दर्द प्यार करने से होता है या याद करने से |
Copy
7
सामने बोला करो? पीछे तो कुत्ते ? भौंकते हैं
Copy
53
वो वक़्त कुछ और था, वो इश्क़ का दौर था, ये वक़्त कुछ और है, ये ख्वाहिशों का दौर है.!
Copy
21
वफादारी मिलेगी हर रिश्ते में जब बात होटों से नहीं नोटों से होगी!
Copy
25
खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते हैं, पर दहशत हमेशा शेर की रहती है.?
Copy
40
चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है,मजबूरी नहीं।
Copy
470
जंगल में शेर दहाड़ता नहीं..उसकी ख़ामोशी दहसत मचाती हैं ?
Copy
64
जो चीज़ वक़्त पर ना मिले, वह बाद में मीले या ना मिले, कोई फर्क नहीं पड़ता।
Copy
15
तेरे संग यारा , खुश रंग बहारा
Copy
705
यूँ ही कितनी आसानी से पलट जाते है कुछ लोग
Copy
70
हमने तो एक ही शख्स पर चाहत खत्म कर दी अब मोहब्बत किसे कहते हैं हमे मालूम नहीं
Copy
121
हर रोज तेरी यादों का हिसाब कर लेता हूं, मैं थोड़ा हंस लेता हूं; थोड़ा रो लेता हूं मैं ||
Copy
24
कितना खुश था कभी मैं खुद की ही दुनियाँ में ये गैरों की मोहब्बत ने मुझे तबाह कर दिया |
Copy
23
दुनिया आज भी मेरी दीवानी है और एक हम है कि उनके इंतज़ार में तन्हा बैठे रहते है।
Copy
18