कभी-कभी इरादा, सिर्फ दोस्ती का होता है, और पता ही नहीं चलता, मोहब्बत कब हो जाती है। ? ?
Copy
100
कुछ साथ यकीन दिलाते हैं की प्रेम वाकई खूबसूरत है |
Copy
15
मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना, जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी.
Copy
22
होती रहेगी मुलाकाते तुमसे, नजर से दूर हो दिल से नहीं ॥
Copy
114
सुकून क्या है हम नहीं जानते, शायद ये वो है जो आपको याद कर के मिलता है.!
Copy
43
सच्चे रिश्ते कुछ नहीं मांगते, सिवाय वक़्त और इज्ज़त के |
Copy
44
किसी और की क्या तारीफ करना, जब मेरा हमसफर ही लाजबाव हैं.
Copy
193
मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....
Copy
66
अगर कोई भूखा गरीब रास्ते के किनारे मिल जाये, तो अपनी टीफिन का खाना खिलाना भी मोहब्बत है..!!
Copy
12
*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*
Copy
1K
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना , चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना
Copy
1K
मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला
Copy
33
वो खूबसूरत तो बहुत है साहब, पर में शायर उनके साँवले रंग को देखकर बना था.
Copy
13
तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?
Copy
224
नाम तेरा ऐसे लिख चुके है अपने वजूद पर, कि तेरे नाम का भी कोई मिल जाए….तो भी दिल धड़क जाता है.”
Copy
40
इश्क की उम्र नहीं होती ना ही दौर होता है इश्क़ तो इश्क़ है जब होता है बेहिसाब होता है।
Copy
44
मेरी दुआओं में शामिल तेरा ज़िक्र हर बार रहेगा, तुझे हो ना हो, मुझे तेरा इंतजार हर पल रहेगा ।?
Copy
46
तुम मेरी वो किताब हो , जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है
Copy
51
बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर ,, मगर खुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।
Copy
20
समझ जाते वो अगर हमारी चाहत को, तो हम उनसे नहीं वो हमसे मोहब्बत करते.
Copy
16
लोग आज कल मेरी ख़ुशी का राज़ पूछते है , इजाज़त हो तो तुम्हारा नाम बता दू
Copy
4K
तुम किताब-ए-इश्क़ तो बनो, पन्नो पर मोहब्बत हम भर देंगे.!
Copy
35
बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!
Copy
46
चाहने वाले लाखों मिलेंगे तुम्हें, मगर परवाह करने वाला हर कोई नहीं होता |?❤️
Copy
148
बहुत खूबसूरत वो रातें होती है, जब तुमसे दिल की बातें होती है
Copy
138
इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....
Copy
422
नसीब का प्यार गरीब की दोस्ती, कभी धोखा नहीं देती हैं।
Copy
281
हुआ था शोर पिछलि रात में दो चांद निकले है,बताओ क्या जरूरत थी तुम्हे छत पर टहलने की ?
Copy
49
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
Copy
65
मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं
Copy
70