वक़्त कोई भी हो ख्याल तुम ही हो सवाल कोई भी हो जवाब तुम ही हो ?
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148
जब तकलीफ़ हो जीने में तब शिव को बसा लो सीने में "हर हर महादेव"
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43
कर दिया न फिर से तन्हा, कसम तो ऐसे दी थी जैसे तुम सिर्फ मेरे हो !!
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36
तमन्ना तेरे जिस्म की होती तो छीन लेते दुनिया से, मोहब्बत तेरी रूह से की इसलिए मांगते हैं खुदा से।❤️
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119
दुश्मन तो बहुत है ? पर वो कहते है, ना शेर का शिकार कुत्तों ? से नहीं होता |
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57
बड़ा नौकर बनने से अच्छा ...छोटा मालिक बन जाओ ... खुश रहोगे
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156
जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
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50
शेर अपना इलाका जरूर बदलता है, पर इरादा नहीं..!! ?
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127
शक करना गलत था पर शक बिलकुल सही था
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पहली बार देखा था, उसे गुस्सा करते हुए अच्छा लगा था, उसका मुझ पर हक़ जताते हुए |??
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81
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
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81
देखी है दरार आज मैंने आईने में..पता नहीं शीशा टुटा हुआ था या फिर मैं ?
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16
लाख साजिश करलो, हम कहकर हराने वालो में से हैं.!!
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13
बड़ी जीत बड़ा शोर होगा..तुम्हारा सिर्फ वक़्त है हमारा दौर होगा |?
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नजरें ? झुकी थी और चेहरे ? पे क्या नूर था, उसकी सादगी में भी कितना गुरुर था!❤️
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चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है,मजबूरी नहीं।
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470
ठोकर खाया हुआ दिल है साहब भीड़ से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है.
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12
ये दोस्ती भी एक रिश्ता है, जो निभा दे वो फरिश्ता है..!!
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ये जीवन है...साहब.. उलझेंगे नहीं, तो सुलझेंगे कैसे... और बिखरेंगे नहीं, तो निखरेंगे कैसे....?
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260
मेरी ज़िन्दगी में तुम शामिल हो एसे, मंदिर के दरवाजे पर मन्नत के धागे हो जैसे..!❤️❤️
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वक़्त बुरा हो तो मेहनत करना, वक़्त अच्छा हो तो किसी की मदद करना..!!
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31
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं, अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती |?
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73
अगर आप चाहते हैं कि कोई चीज अच्छे से हो तो उसे खुद कीजिये
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फ़ासले तो बढ़ा रहे हो, मगर इतना याद रखना, मोहब्बत?बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती?…!!
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वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया , जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .
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73
हम सादगी में झुक क्या गए, तुमने तो हमे गिरा हुआ समझ लिया |?
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शब्द ...मन ..जज़्बात , एक एक करके सब खामोश हो गए
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हमारी सोच और पहचान दोनो ही, तेरी’औकात’ से बाहर हैं। ??
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कुछ तो मजबूरियां रही होगी उनकी भी, यूं चाहकर तो कोई बेवफा नहीं होता .
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चल जिंन्दगी नई शुरुआत करते है, जो उम्मीद दूसरों से की थी वो अब खुद से करते है |
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