सिकंदर तो हम अपनी मर्जी से है, पर हम दुनिया नहीं दिल ❤️ जितने आये हे।
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41
वापस आ जा ऐ ख़ुशी, वरना जिंदगी भर सो नहीं पाएंगे जी तो सकते नहीं, पर मर भी नहीं पाएंगे .
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लोग अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं मेरी आदतों से रुतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ !!"
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24
माना कि तुझसे दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं, पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है |??
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21
तेरी मोहब्बत की हिफाज़त कुछ इस तरह की हमने, जब देखा किसी ने प्यार से नज़रें झुका ली हमने.
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29
रास्तों ने चाहा तो फिर मिलेंगे हम, मंजिल का तो कोई इरादा नहीं लगता !?
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28
जरूरत और खाविश दोनों आप ही हो खुदा करे कोई एक पूरी हो जाये |?
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130
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है| ?
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55
सेवा सबकी कीजिये मगर आशा किसी से मत रखिये क्योंकि सेवा का सही मूल्य भगवान ही दे सकता है इंसान नहीं |
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40
इन आंखो को जब तेरा दीदार हो जाता है , मेरा तो हर दिन सांवरे त्योहार हो जाता है |
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सच कहा था किसी ने कि तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है |
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13
तू मेरी नक़ल तो कर लेगा, लेकिन बराबरी कैसे करेगा..!!?
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किसीने क्या खूब कहाँ हैं, मोहब्बत नहीं यादें रुलाती हैं..!?
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मेरी बदमाशी का अंदाज़ा इससे लगाओ जब मैं ? शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश ही कहते थे। ?
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कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.
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तुम बिन जिया जाए कैसे …कैसे जिया जाए तुम बिन…
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112
अपने सपनो को सफल बनाने के लिए बातों से नही , रातों से लढना पड़ता है।
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ये जीवन है...साहब.. उलझेंगे नहीं, तो सुलझेंगे कैसे... और बिखरेंगे नहीं, तो निखरेंगे कैसे....?
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क्यूँ नहीं महसूस होती उसे मेरी तकलीफ जो कहते थे बहुत अच्छे से जानते हैं तुझे.?
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मत बनाओ मुझे फुर्सत के लम्हों का खिलोना मैं भी इंसान हूँ दर्द मुझे भी होता है
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चेहरे किसी क्रीम-पाउडर से नही, बल्कि कामयाबी से चमकते है। ?
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मारना ही था तो गोली मार देते यूँ पल पल तड़पाने की वजह क्या है ?
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निभा दिया उसने भी दस्तूर दुनिया का तो गिला कैसा पहचानता कौन है यहां मतलब निकल जाने के बाद...
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जीत कर दिखाओ उनको जो तुम्हारे हारने का इंतज़ार कर रहे हैं |?
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मुझे आज भी याद है तुम्हारा वो मुझसे पहली बार बात करना |
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शाम उतरने लगी है खिड़की पर, बेसबर आँखों को चाँद का इंतजार है..!
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15
इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!
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अब शिकायतें नहीं होती किसी से, बस हल्का सा मुस्कुरा देता हूं.
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अजीब खेल है ये मोहब्बत का, किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला।??
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जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा याद रखना कोई ना कोई पंख काटने जरूर आएगा.
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