जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
Copy
51
बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |
Copy
27
शौंक से नहीं किया कौइ गुनाह,, लोग हर बार औंकात पुछ रहे थे..!??
Copy
37
इंसान हो तो सच्चे रहो बाकी,,, झूठे तो बर्तन भी होते है ?
Copy
665
बहुत ज्यादा जुल्म करती हैं तुम्हारी यादे, सो जाऊ तो जगा देती हैं, उठ जाऊ तो रुला देती हैं .
Copy
20
कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए.
Copy
2K
कोई शख्स तो यूँ मिले, के वो मिले तो सुकून मिले...
Copy
80
तुम तो रह लेते हो हमारे बिना पता नहीं, हमसे क्यों नहीं रहा जाता तुम्हारे बिना |?
Copy
29
हमें भी शौक था दरिया -ऐ इश्क में तैरने का, एक शख्स ने ऐसा डुबाया कि अभी तक किनारा न मिला.
Copy
137
यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी , ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...
Copy
156
पहला प्यार और आखिरी एग्जाम को हम कभी सीरियस नहीं लेते ?
Copy
54
सारी दुनिया रूठ जाए मुझे कोई दुख नहीं बस एक तेरा खामोश रहना... मुझे अन्दर तक तकलीफ़ देता है..
Copy
118
यह दिल ही है जिसे हारने की आदत हो गई है, वरना जहां भी हमने दिमाग लगाया है, वहां फतेह ही पाई है..!?
Copy
67
जो फ़ुरसत मिली तो मुड़कर देख लेता मुझे एक दफा तेरे प्यार में पागल होने की चाहत मुझे आज भी हे !
Copy
131
मिली है किसी को बिन मांगे वो, हमें तो इबादत के बाद भी इंतजार ही मिला है. ?
Copy
20
मसला पाने का होता तो ख़ुदा से छीन लेता ख़्वाहिश तुझे चाहने की है, उम्र भर चलेगी |
Copy
16
गिरे हुए लोगों को उठाना नही ? भूलना सीखो। ??
Copy
42
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है..
Copy
32
फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना, मुहब्बत?बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती?…!!
Copy
57
गम ने हंसने ना दिया, जमाने ने रोने ना दिया, नींद आई तो तेरी याद ने, सोने न दिया।?
Copy
59
मैं अपने खिलाफ बाते अक्सर ख़ामोशी से सुनता हूं, जवाब देने का काम मैंने वक़्त को दे रखा है |?
Copy
158
तू इश्क?की दूसरी निशानी देदे मुझको,आँसू?तो रोज गिर के सूख जाते हैं..!!
Copy
27
ख़ामोशी से भी नेक काम होते हैं, मैंने देखा है पेड़ों को छाँव देते हुए.
Copy
209
*दोस्त बेशक एक हो* *लेकिन ऐसा हो,* *जो अलफाज से ज्यादा* *खामोशी को समझें*
Copy
2K
अंदर ही अंदर ख़त्म हो रहे है..गम नहीं तो, हम ही सही..|??
Copy
32
तुम एक कदम मेरी तरफ बढ़ा के तो देखो, ज़िन्दगी भर साथ ना चलु तो कहना।
Copy
36
बहुत मन करता है हसने का, पर किसी की कमी रुला देती है
Copy
36
रोज़ तोह वोह मरते है जोह, खुद से जयादा किसी और की फ़िक्र करते है .❤️?
Copy
6
कलयुग है साहेब, यहाँ झूठे को स्वीकार किया जाता हैं, और सच्चे का शिकार किया जाता हैं..?❤️
Copy
112
पहचान बड़े लोगो से नहीं, साथ देने वाले लोगो से होनी चाहिए |?????
Copy
84