नजरें ? झुकी थी और चेहरे ? पे क्या नूर था, उसकी सादगी में भी कितना गुरुर था!❤️
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इस कदर मांगा है तुमहे दुआओं में कि, एक भी दुआ कबूल हुई, तो तुम मेरे हो जाओगे देखना...❤️❤️
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किसीको इतना मंहगा मत बनाओ, की खुद सस्ते हो जाओ!?
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खफा ? रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम, लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते ?
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अगर कोई आपको, नीचा दिखाना चाहता हैं तो इसका मतलब हैं, आप उससे उप्पर हैं...
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57
तुम जलते रहोगे आग ? की तरह, और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह| ?
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तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
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अब नहीं है, हमे किसी के लौटने का इंतज़ार जो मेरे थे वो मेरे साथ है, जो नहीं थे वो आजाद है...??
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हौसले बुलंद ? हो तो तकदीर भी सलाम ठोकती है..! ?
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ग़ालिब ने खूब कहा है - ऐ चाँद तू किस मज़हब का है , ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा
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मैं तुमको सिखाना चाहता था कि प्रेम कैसे किया जाता है पर तुमने मुझे सिखा दिया कि प्रेम नही करना चाहिए।
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कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
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मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है , आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
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111
ज़िंदगी ने रुलाया भी उनको ... जो हँसते हुए बहुत अच्छे लगते है !
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मैं जो हूँ सो हूँ लोगो की सोच से मुझे घण्टा भी फर्क नही पड़ता |??
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111
छीन लेता है हर चीज मुझसे ऐ खुदा.. क्या तू भी इतना गरीब है..??
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लोग जिन चीज़ों का खौफ रखते है, हम ? उन चीज़ों का शौंक रखते है..!!
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वक़्त कितना भी बदल जाए मेरी मोहब्बत कभी नहीं बदलेगी ...
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कुछ लोग जितना मर्जी खा ले,वो मोटे नहीं होते और कुछ लोग Online Pizza की फोटो भी देख ले तो एक किलो वजन भर जाता है!
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पूछा ऊपर वाले से मैंने कि मेरी मोहब्बत अधूरी क्यूँ लिखी,, वो भी कहकर रो पड़ा मुझे भी राधा कहाँ मिली.??
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44
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी , कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
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29
जिनको मेरा हाथ पकड़ना चाहिए था वो मेरी एक गलती पकड़े बैठे है |
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चल जिंन्दगी नई शुरुआत करते है, जो उम्मीद दूसरों से की थी वो अब खुद से करते है |
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मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है , मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
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कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है,बस कोई दिल से नहीं मिलता
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नाम रुतबा शोहरत अपने दम पर कमाओ दूसरों के दम पर तो सिर्फ जनाज़े उठा करते हैं ?
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जैसे प्यार से सभी चीज़ें आसान लगती हैं, उसी तरह उम्मीद से सब कुछ संभव लगने लगता है
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मुझे इन्तजार था कि तुम समझो मुझको तुमने समझा दिया कि बस इन्तज़ार करो |
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वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा,निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
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"आदमी का अमीर होना जरूरी नहीं है जमीर होना जरूरी है।" ?
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