कोई तन दुखी, कोई मन दुखी, कोई धन बिन रहत उदास | थोड़े थोड़े सब दुखी, सुखी सिर्फ मेरे सतगुरु के दास ||
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12
सुना है तुझमे बोहोत दम है, बेटा इस बार तेरे सामने हम हैं??
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33
जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ, किस्मत की रोटी तो कुत्ते को भी नसीब होती है.?
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74
मेरी दुआओं में शामिल तेरा ज़िक्र हर बार रहेगा, तुझे हो ना हो, मुझे तेरा इंतजार हर पल रहेगा ।?
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46
कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते, पर अमीर जरूर बना देते हैं.
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223
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
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40
मेरी थी जो खामियां ,तुझसे पूरी हुई …बाक़ी हुवे बेवजह ,तू ज़रूरी हुई …
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89
अंदाज मुझे भी आता है, नज़र अंदाज करने का पर तू तक़लीफ़ से गुजरे ये मुझे गवारा नही |❤️
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ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
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हमारी हसी पे मत जाना, फूल तो कब्र पर भी होते है!?
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25
“मशहूर होने का शोक नहीं है, लेकिन क्या करे लोग नाम से ही पहचान लेते है।” ??
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12
तेरे रोने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल..जिनके चाहने वाले ज्यादा हो..वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं”
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14
वो मेरी गलतियाँ निकालते है, क्योंकि ये मुझे हराने से आसान है ।?
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33
“एक बार उसने कहा था मेरे सिवा किसी से प्यार ना करना, बस फिर क्या था तबसे मोहब्बत की नजर से हमने खुद को भी नहीं देखा
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83
ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की… और बस इक यही वजह थी मेरे हार जाने की…
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18
देखने के लिए सारी कायनात भी कम, चाहने के लिए एक चेहरा भी बहुत है |?
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121
कुछ तो मजबूरियां रही होगी उनकी भी, यूं चाहकर तो कोई बेवफा नहीं होता .
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16
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था , वो लफ्जों मे ढूढते रहे
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भर्री महफ़िल में दोस्ती का ज़िकर हुआ , हमने तो सिर्फ आपकी और देखा और लोग वाह वाह कहने लगे
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68
ज़रूरी नहीं हर गिफ्ट कोई चीज़ ही हो, प्यार, केयर, रेस्पेक्ट भी अच्छा गिफ्ट ही है |
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29
मुझे नफरत पसंद है, लेकिन दिखावे का अपनापन नहीं ?
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वादों की तरह इश्क भी आधा रहा, मुलाकातें कम रही इंतजार ज्यादा रहा.
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26
इश्क ना सही फिकर है तू ना सही तेरा ज़िकर है |
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21
किस्मत की गुलामी नहीं करता, मै अपनी मेहनत का नवाब हूं |??
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57
समझा दो उन समझदारों को…कि कातिलों ?️ की गली में भी दहशत हमारे ? ही नाम की ही है |
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8
ख्वाइश है की पूरी ये ख्वाइश हो जाए, वो छाता एक ही लाए और बारिश हो जाए.
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परख ना सकोगे ऐसी शख्सियत है मेरी, मैं उन्हीं के लिए हूं जो जाने कदर मेरी..?
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दिल में मोहब्बत का होना ज़रूरी है, वरना याद तो रोज दुश्मन भी किया करते हैं।
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ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
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कोई मानो या ना मानो पर ज़िन्दगी में दो ही लोग अपने होते है, एक खुद और दूसरा ख़ुदा।
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