कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
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प्यार ? मोहब्बत आशिकी ये बस अल्फाज थे मगर जब तुम मिले तब इन अल्फाजो को मायने मिले !!?
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जय जय श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के दाता
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मुँह पर सच बोलने वाले बत्तमीज़ नहीं, दिल के साफ़ होते हैं..??
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मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी , जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे. ..!
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ज़िन्दगी की राहें तब आसान हो जाती हैं, जब परखने वाला नहीं समझने वाला हमसफर हों !!❤️?
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धड़कनों को कुछ तो काबू में कर ऐ दिल अभी तो पलके झुकाई है मुश्कुराना बाकि है |
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सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
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जब ठोकर खा कर भी ... ना गिरो ... तो समझ लेना... की दुआओं ने थाम रखा है ...!!
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साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...
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मुझे फुरसत कहा जो मौसम सुहाना देखू महादेव की यादों से निकलू तो जमाना देखू
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बेमतलब की दुनिया का किस्सा ही खतम, अब जिस तरह की दुनिया, उस तरह के हम ✔️
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वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं ,हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
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जब दिल गैरो मैं लग जाए तब अपनों मैं खामिया नजर आने लगती है
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मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!
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सच्ची मोहब्बत एक जेल के कैदी की तरह होती हैं, जिसमे उम्र बीत भी जाए तो सजा पूरी नहीं होती |?❤️
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आज भी लड़खड़ा जाती है आवाज़..जब कोई पूछता है तुम्हारे बारे में.. ❤️
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सवाल करने वाले तो बहुत मिलते है , लेकिन बिना सवाल किये ख्याल रखने वाले नसीब से मिलते है..
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किसी रोज़ मिलने से प्यार हो या न हो लेकिन किसी रोज़ बात करने से उसकी आदत जरूर हो जाती है
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हम ? भी शरीफों की गिनती में आते हैं, अगर कोई उंगली ? ना करें तो!
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जिन्हें पता होता हैं। की अकेलापन क्या होता हैं । ऐसे लोग दुसरो के लिए । हमेशा हाज़िर रहते हैं ।
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शौक पूरे करो जिंदगी तो, एक दिन खुद पूरी हो जाएगी..!!?
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तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
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तुम किताब-ए-इश्क़ तो बनो, पन्नो पर मोहब्बत हम भर देंगे.!
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जिंदगी उस दौर से गुजर रही है दिल दुखता है लेकिन चेहरा हंसता है |
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बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला
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लाख साजिश करलो, हम कहकर हराने वालो में से है..!!??
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उसूलों पे चलना एक मेहेंगा शौक है, जो हर दो टके के इंसान के बस की बात नही..! ?
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अनजान बन कर मिले थे, पता ही नहीं चला कब जान बन गए.
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दोनों जानते है के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही है..
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