दिल तक पहुँचने का रास्ता, वफ़ा के समंदर से होकर गुजरता है। हर लहर पे नाव बदलने वाले, मंजिल तक नही पहुँचा करते…
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देर से बनो मगर जरूर कुछ बनो क्योकि वक़्त के साथ लोग खेरियत नहीं हैसियत पूछते है
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बहुत दर्द देती है वो सजा, जो बिना खता के मिली हो।
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जगह देनी है तो अपनी रूह में दे दो.. यूँ दिलों में तो, बहुतों के बसते हैं हम.?
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पूछा ऊपर वाले से मैंने कि मेरी मोहब्बत अधूरी क्यूँ लिखी,, वो भी कहकर रो पड़ा मुझे भी राधा कहाँ मिली.??
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किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!
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खेल खेलने में तभी मजा आता हैं, जब जिंदगी दाव पर लगी हों. ?
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कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले,मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
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यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
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हर किसी के हो जाए इतने सस्ते थोड़ी है हम ?
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सिर्फ तेरे दीदार के लिये आते हैं तेरी गलियों में, वरना आवारगी के लिये तो पूरा शहर पड़ा है !!"
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अधूरी कहानी पर खामोश लबों का पहरा है, चोट रूह की है इसलिये दर्द जरा गहरा है❤️?
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देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे
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मंजिले कितनी भी ऊंची हो रास्ते हमेशा पैरों के नीचे होते हैं |
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बातों को तेरी हम भुला ना सके …होके जुदा हम ना जुदा हो सके …
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"उतर जाते है कुछ लोग दिल में इस कदर इन्हे दिल से निकालो तो जान निकल जाती है..."
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फ़ासले तो बढ़ा रहे हो, मगर इतना याद रखना, मोहब्बत?बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती?…!!
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?? उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी ??
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सच्ची महोब्बत करने वाले इंसान के नसीब में सिर्फ तन्हाई लिखी होती है।
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कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
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ज़िन्दगी की राहें तब आसान हो जाती हैं, जब परखने वाला नहीं समझने वाला हमसफर हों !!❤️?
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शराफत की दुनिया का किस्सा खतम, अब जैसी दुनिया वैसे हम |
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इजहार से नहीं इन्तज़ार से पता चलता है, कि मोहब्बत कितनी गहरी है ! ❤️
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कौन होता है दोस्त? दोस्त वो जो बिन बुलाये आये, बेवजह सर खाए, जेब खाली करवाए, कभी सताए, कभी रुलाये, मगर हमेशा साथ निभाए
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अच्छा हूँ या बुरा हूँ, अपने लिए हूँ ,मैं खुद - को नहीं देखता औरों की नज़र से !??
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हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है
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अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
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खूबसूरत तो मुझे वो बाद में लगी, पहले तो मुझे मोहब्बत हुई थी.
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तकलीफ ये नहीं कि मोहब्बत हो गई थी दर्द ये है कि अब वो भुलाई नहीं जा रही |
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