समझा दो उन समझदारों को…कि कातिलों ?️ की गली में भी दहशत हमारे ? ही नाम की ही है |
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मिली है किसी को बिन मांगे वो, हमें तो इबादत के बाद भी इंतजार ही मिला है. ?
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जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.
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वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
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जरा सा भी नहीं पिघलता दिल तुम्हारा, इतना क़ीमती पत्थर कहाँ से खरीदा ..❤️?
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जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥
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बहुत अंदर तक तोड़ डालता है, वह अश्क जो आंखों से बह नहीं पाता |
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आँखों से दूर दिल के करीब था मैं उसका और वो मेरा नसीब था न कभी मिला न कभी जुदा हुआ रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था, ❤
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तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
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प्यार का मतलब तो नहीं मालूम मुझे, मगर जब जब तुझे देखूँ दिल धड़कने लगता है।?
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ज़िन्दगी से यही सीखा है मेहनत करो रुकना नहीं हालत कैसे भी हो किसी के सामने झुकना नहीं
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तुम्हारे अपनों में? हमारे चाहने वाले बहुत है?
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तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना हमारे दोस्त तोह पहले से ही बारूद है
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जीवन मे मेहनत करने से दिमाग साफ रहता हैं और सत्य बोलने से दिल साफ रहता हैं.
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उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं
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जिंदगी में एक बात याद रखना दोस्तों, कभी मत भागना उन लोगों के पीछे, जिन्हें तुम्हारी कोई परवाह नहीं .
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तुम उसे छू लो और वो तुम्हारा हो जाए..इतनी वफा तो सिर्फ कोरोना के पास है ?
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अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है ! सवाल भी खुद के होते है और जवाब भी खुद के ..
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दिमाग गरम है कृपया तंग न करें
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अब अगर तुम जाने ही लगे हो तो पलट कर मत देखना, *क्योकि मौत की सजा लिखने के बाद कलम तोड़ दी जाती है*
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नज़र से नज़र मिला के तुम नज़र लगा गए, ये कैसी लगी नज़र कि, हम नज़र में आ गए !!
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बहुत कुछ पाने वाले बहुत कुछ खोया करते हैं, इस दुनिया में हसने वाले सबसे ज़्यादा रोया करतें हैं
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कोई तो करता होगा हमसे भी ख़ामोश मोहब्बत किसी का हम भी अधूरा इश्क़ रहे होंगे |
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लोग आज कल मेरी ख़ुशी का राज़ पूछते है , इजाज़त हो तो तुम्हारा नाम बता दू
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न रहा करो उदास किसी वेबफा की याद में, वो खुश है अपनी दुनिया में तुम्हारी दुनिया उजाड़ के।
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कभी ये मत सोचना की याद नहीं करते , हम रात की आखिरी और सुबह की पहली सोच हो तुम
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पहली सिगरेट हो या पहली बीयर कोई भी खरीदकर नहीं पीता … हमेशा कोई न कोई दानवीर हाथ में देकर कहता है – “पी ले, कुछ नहीं होगा
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मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे हैं !?
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तुम मेरी वो किताब हो , जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है
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ऐ ईश्क सुना था के… तु अंन्धा है फिर मेरे धर का राश्ता तुजे कीसने बताया
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