वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे ; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है
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कहीं बाजार में मिल जाये तो लेते आना…वो चीज़ जिसे दिल?का सुकून कहते हैं…!!
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19
हारना मंज़ूर है मुझे पर, खेल तो में बड़ा ही खेलूंगा,?
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86
दिल ए नादान तू भी अजीब पागल है, तुझे सिर्फ वो चाहिए, जो तेरा हो नही सकता..|❤️❤️
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19
साथ तो जिंदगी भी छोड़ देती है, शिकायत लोगों से क्या करना..
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28
बदल गए हैं हम क्युकी .. बात अब औकात पर आ गई है ..
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वापस आ जा ऐ ख़ुशी, वरना जिंदगी भर सो नहीं पाएंगे जी तो सकते नहीं, पर मर भी नहीं पाएंगे .
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5
दिल के रिश्ते किस्मत से मिलते है, वरना मुलाकात तो हज़ारों से होती है |?
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185
जिस चीज़ का तुम्हे खौफ है, उस चीज़ का हमे शौंक है।
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उनकी ख़ुशी ढूँढ़ते - ढूँढ़ते, मेरे ख्याब ने खुद ख़ुशी कर ली |
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5
अपनी औकात में रहना सीख बेटा. वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है, वो श्मशान में भटकते है.??
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127
ज़िन्दगी की राहें तब आसान हो जाती हैं, जब परखने वाला नहीं समझने वाला हमसफर हों !!❤️?
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108
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
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ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
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मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी मत समझो मैं दिल में गालियां भी देती हूँ
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पैर में मोच और गिरी हुई सोच, कभी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देती
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कौन कहता है कि वक्त बहुत तेज़ है, कभी किसी का इंतज़ार तो करके देखो..⌛
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मुफ्त में नही सीखा उदासी में मुस्कुराने का हुनर, बदले में ज़िन्दगी की हर खुशी तबाह की है हमने..!?
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कभी फुर्सत हो तो इतना जरूर बताना, वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हें ना दे सके.
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एक शख्स जो मुझे रोज़ सताता है, मगर सुकून भी ना जाने क्यों, उसी के साथ आता है.?
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खुदा ने मुझे वफादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूँ, तो कोशिश वो भी नहीं करते
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सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |
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अंदाज मुझे भी आता है, नज़र अंदाज करने का पर तू तक़लीफ़ से गुजरे ये मुझे गवारा नही |❤️
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सुना था मोहब्बत मिलती है, मोहब्बत के बदले || हमारी बारी आई तो, रिवाज ही बदल गया ||??
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18
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
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बहुत दर्द देती है वो सजा, जो बिना खता के मिली हो।
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नज़र से नज़र मिला के तुम नज़र लगा गए, ये कैसी लगी नज़र कि, हम नज़र में आ गए !!
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किसी और कि तारीफ क्या करना जब मेरा हमसफ़र ही लाजवाब है |
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तेरी यादो को पसन्द आ गई है मेरी आँखों?की नमी हँसना?भी चाहूँ तो रूला?देती है तेरी कमी…!!
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