नाम बनाने के लिए दिल से नहीं दिमाग से चलना पड़ता हैं |?
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109
बहोत याद आते हो तुम, दुआ करो,मेरी याददाश्त चली जाये..!
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23
ख्वाब ख्वाइश और लोग जितने कम हो उतना अच्छा है..!!
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52
तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!??
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18
करने हैं तो बड़े कांड करो...बातें तो कोई भी बड़ी कर सकता है |?
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35
उसका वादा भी अजीब था , कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की, मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…
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26
अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
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224
सिर्फ खड़े होकर पानी देखने से आप नदी नहीं पार कर सकते
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91
अपना ख्याल रक्खा करो बेशक साँसे तुम्हारी है लेकिन जान तो हमारी है .
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113
आंसू जानते है कौन अपना है इसलिए बस अपनों के सामने निकल आते हैं.
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24
जिसकी गलतियों से भी मैंने रिश्ता निभाया है उसने बार-बार मुझे फालतू होने का एहसास दिलाया है!?
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62
रास्तों ने चाहा तो फिर मिलेंगे हम, मंजिल का तो कोई इरादा नहीं लगता !?
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28
हँसते हुए चेहरों को ग़मो से आजाद ना समझो, मुस्कुराहट की पनाहों मे हजारों दर्द होते है..!!
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29
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी,और फिर तुम मिल गए!
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121
मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता , कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता
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48
तू मिले या ना मिले, ये मेरे मुक़ददर की बात हैं, सुकून बहुत मिलता हैं तुझे अपना सोचकर.
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183
हालात चाहे जैसी भी हो, हमे सदैव मुस्कुराते रहना चाहिए !?
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133
शरम उन्हें आती है, जो शरम से शरमाते है, हम तो बेशरम है, साला शरम खुद हमसे शरमाती है..
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50
हर आरम्भ का मैं अंत हूँ, हर अंत का मैं आरम्भ हूँ , मैं सत्य हूँ; मैं शिव हूँ; मैं काल हूँ; मैं ही महाकाल हूँ !
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131
कभी सोचा नहीं था, वो भी मुझे तनहा ? कर जाएगी, जो परेशान देख कर अक्सर कहती थी, मैं हूँ ना... ❤️
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61
ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं
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82
सपनों को पाने के लिए समझदार नही पागल बनना पड़ता है |?
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ज़रा सी वक़्त ने करवट क्या ली ! गैरों की लाइन में सबसे आगे अपनों को पाया हमने ?
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72
सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।
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47
यहाँ तो खुद से ही मिले जमाना हो गया ... और लोग कहते है कि हमें भूल गये हो तुम ...
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42
जो खोटे सिक्के कभी न चले बाजार में, वो कमियां ढूंढ रहे हैं हमारे किरदार में!
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53
वक़्त मिले तो बात कर लिया करो, मौत का सीजन चल रहा है, पता नहीं कल क्या होगा। ❤️?
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मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है..
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तेरी मुहब्बत भी किराये के घर की तरह थी, कितना भी सजाया पर मेरी नहीं हुई.??
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नहाए धोए से हरी मिले तो मै नहाऊं सौ बार हरि तो मिले निर्मल हृदय से प्यारे मन का मैल उतार |
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