मैं दिसंबर और तू जनवरी रिश्ता काफ़ी नज़दीक का और अंतर साल भर का |
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समझदार बनिए. गुस्से में लिया गया कोई भी निर्णय सही नहीं होता | ?
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कुछ लोग जितना मर्जी खा ले,वो मोटे नहीं होते और कुछ लोग Online Pizza की फोटो भी देख ले तो एक किलो वजन भर जाता है!
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203
हमने तो मोहब्बत कीयी थी वो भी कर लेती तो शायद इश्क कहलाता...।
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कुछ लोगो को कितना भी अपने बनाने की कोशिश कर लो वो साबित कर देते है कि वो गैर ही है |
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19
एक आखिरी मुलाक़ात की ख्वाहिश थी पर अलविदा भी वो फ़ोन पर ही कह गए....?
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सब लोग बुरे नहीं होते कुछ लोगों का दिमाग खराब होता है
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ये जो रात को जागते है ना.. ये जानते है किसी को खोने का दर्द !!
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अपनी ज़िन्दगी का एक अलग उसूल है, दोस्त की खातिर मुझे कांटे भी कुबूल है,
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उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!
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काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
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मैं कैसे छोड़ दूं तुझे ऐ दोस्त. जब कोई नहीं था, तब तू ही तो था।??
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एक ऐसा लक्ष्य भी होना चाहिए जो सुबह उठने पर मजबूर कर दे.
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दुरिया मायने नहीं रखती, जब दिल एक दुसरे के वफादार हो।
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क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी.. अपनी खुशी को छोड़ दिया” उसे" खुश देखने के लिए ??
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तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
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37
मै तुमको भूल तो जाऊं मगर छोटी सी उलझन है.. सुना है... दिल से धड़कन की जुदाई मौत होती है ..!
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मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
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लौटना मत भूल के भी, इश्क़ से नफरत हो चुकी है अब।??
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ज़िकर से नहीं फ़िक्र से पता चलता है कौन अपना है ❤️
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अगर जिंदगी ? में कुछ पाना हो तो, तरीके बदलो, इरादे नही। ?
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अनजान बन कर मिले थे, पता ही नहीं चला कब जान बन गए.
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कोशिश तब तक जारी रखो, जब तक मजिल ना मिल जाए..
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खुदा मेरे दुश्मनों को लम्बी उम्र दें ! ताकि वो मेरी क़ामयाबी देख सकें !!"
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ना होने का एहसास सबको है, मौजूदगी की कदर किसी को नहीं...?
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उदास नहीं होना,क्योंकि मै साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल मे देखोगे, मै हर पल तुम्हारे साथ हूँ !
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अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो
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जिसको भी देखा रोते हुए देखा... मुझे तो ये मोहब्बत टिशु पेपर कम्पनी की साजिश लगती है
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अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
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सिर्फ उमर ही छोटी है, जजबा तो दुनिया को मुठ्ठी में करने का रखते है.??
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