जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि
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बात इतनी मधुर रखो कि, कभी खुद भी वापिस लेनी पड़े तो कड़वी ना लगे..!!❤️
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तू मेरी नक़ल तो कर लेगा, लेकिन बराबरी कैसे करेगा..!!?
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हम अपनी मिसाल खुद हैं, किसी और जैसा बनने कि तमन्ना नहीं रखते..
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मुझे आज भी याद है तुम्हारा वो मुझसे पहली बार बात करना |
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वक़्त आने दो उस पर भी राज करेंगे जिसे लोग दुनियां कहते हैं ??
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तजुर्बे ने शेरों ? को खामोश रहना सिखाया है,, क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता..✔️
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ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!
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"चुप हूँ तो खुद को शहनशाह मत समझ बोलने पर आया तो तुझे तेरी औकात दिखा दूंगा..!
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अपने काम को एक रहस्य ही रहने दो!, लोगों को काम का नतीजा दिखाओ!!
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साथ साथ धूमते है, हम दोनो रात भर..! लोग मुझे आवारा, और उसे चाँद कहते है..!
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जब भी मैं तुमसे दूर होता हूँ, मुस्कुराते हुए तुम्हारे पुराने मेसेज और चिट्ठियां दोबारा दोबारा पढता हूँ ! हाँ ! तुमसे इतना प्यार करता हूँ मैं
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लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
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पुरानी होकर भी खास होती जा रही है मोहब्बत बेशर्म है जनाब बेहिसाब होती जा रही है |
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इन आंखो को जब तेरा दीदार हो जाता है , मेरा तो हर दिन सांवरे त्योहार हो जाता है |
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उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
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वक्त से हारा या जीता नही जाता, केवल सीखा जाता हैं।?
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अंदाजा ताकत का लगाया जाता है हौसले का नहीं।
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तमीज में रहो वरना बदतमीज हम भी है ?
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दिखावा मत कर शहर में शरीफ होने का लोग खामोश तो है पर ना-समझ नहीं..!?
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गजब है मेरे दिल में तेरा वजूद . मै खुद से दूर तू मुझमें मौजूद...
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अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको, यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है।”
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दिल लगाने से अच्छा है , पेड़ लगाऐ , वोह घाव नही कम से कम छाव तोह देगे
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अपनी पीठ से निकलें खंजरों को जब गिना मैंने, ठिक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने।??
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अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
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फैसला ! नहीं हो पा रहा, तनहा ! रात है या मै ...
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यूँ तो तैरने में बहुत माहिर हैं हम, फिर भी डूब जाते हैं अक्सर तेरे ख्यालो में...
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मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका
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हर वक़्त नया चेहरा, हर वक़्त नया वजूद, इंसान ने आईने को, हैरत में डाल दिया है...!
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जिगर ? वालों को डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहाँ भी कदम रखते हैं जहाँ कोई रास्ता ?️ नहीं होता..!
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