गुलामी तो तेरे इश्क की हे वरना, ये दिल कल भी नवाब था और आज भी हे!!??
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152
सच्ची सी हैं ये तारीफें ….दिल से जो मैंने करीं हैं….
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472
ज़रा सा भी नहीं पिघलता दिल❤️ तुम्हारा, इतना कीमती ? पत्थर कहा से ख़रीदा !!
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18
वो बोलते रहे, हम सुनते रहे - जबाब आँखों में था , वो लफ्जों मे ढूढते रहे
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44
हमारी सोच और पहचान दोनो ही, तेरी’औकात’ से बाहर हैं। ??
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जीने का असली मजा तो तब है दोस्तों जब दुश्मन भी तुमसे हाथ मिलाने को बेताब रहे..! ? ?
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13
शराफत का जमाना ही नहीं रहा साहिब, किसी को इज्ज़त दो तो वो कमज़ोर समझ लेता है !!✔️✔️
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167
अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....
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कभी फुर्सत मिले तो सोचना, क्यूँ एक लापरवाह लड़का तुम्हारी इतनी परवाह करता था.
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25
किसी चीज की सिर्फ चाह रखने से ही कुछ नहीं होता, तुम्हारे अंदर उसे पाने की भूख होनी चाहिए!
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45
रूठना भी छोड़ दिया है अब मैंने, उम्मीद नहीं कोई मनाने भी आयेगा।
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5
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
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खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है . खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है
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869
कुछ नही भुले हम बस मौके का इंतजार कर रहे है..! ??
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समझ जाते वो अगर हमारी चाहत को, तो हम उनसे नहीं वो हमसे मोहब्बत करते.
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सच्चा प्यार वही होता है जो अपनी गलती ना होने पर भी,अपना रिश्ता बचाने के लिए sorry बोल देते है |
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कुछ सोचना चाहिए था उसे, हर सितम से पहले,मै सिर्फ दीवाना नहीं था, इन्सान भी था...
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153
सोचा ही नहीं था..जिन्दगी में ऐसे भी फ़साने होगें, रोना भी जरूरी होगा..और आँसू भी छुपाने होगें.!
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मैं बंदूक और गिटार दोनों चलाना जानता हूं, तय तुम्हे करना है कि तुम कौन सी धुन पर नाचोगी..!!?
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84
अनजान बन कर मिले थे, पता ही नहीं चला कब जान बन गए.
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कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
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आदमी कभी भी इतना झूठा नहीं होता अगर औरतें इतने सवाल न करती
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जिगर ? वालों को डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहाँ भी कदम रखते हैं जहाँ कोई रास्ता ?️ नहीं होता..!
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अगर सफल होने का जुनून सर पर है तो मुश्किले आप को नहीं रोक पायेगी .
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सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
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13
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
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ये बार बार छोड़ने का शौक तुम्हें ही था, हमनें तो पलके तक भिगोई थीं तुम्हें रोकने के खातिर.
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क्या खाक तरक्की की आज की दुनिया ने, मरीज ऐ इश्क़ तो आज भी लाइलाज बैठे है. ?❤️
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10
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं…!?
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मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना
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