॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥
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19
'देख ली हमने जमाने की यारी मतलब निकल जाने के बाद दूर हो जाते है बारी बारी।" ?
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153
गलती से ही सही एक कॉल लगा दो "गलती से लग गया था सॉरी" कहकर अपनी आवाज सुना दो!! ?
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116
तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है,नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है।
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104
मैंने दबी आवाज में पूछा, मोहब्बत करने लगी हो, नजरें झुका कर वो बोली, "बहुत"
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65
बहुत भरोसे टूटे...लेकिन भरोसे की, आदत नहीं गई..!!
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13
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है
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103
कुछ नही मिलता बस एक सबक़ मिल जाता हैं, ख़ाक हो जाता हैं इंसान, ख़ाक से बने इंसान के पीछे।।
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18
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
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77
जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤
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मुझे पसंद है शांत रहना, इसे मेरी 'कमजोरी' मत समझना ।
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72
कभी कभी नाराजगी, दूसरों से ज्यादा खुद से होती है।?
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100
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं, दिल हमेशा उदास रहता है.
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27
फैसला ! नहीं हो पा रहा, तनहा ! रात है या मै ...
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13
खैरियत पूछने वाले तो बहुत हैं मेरे पास ,, तलाश तो उसकी है जो खयाल भी रखे ।
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32
वो भी फुरसत में बैठकर �..कसर सोचती तो होगीं.. कि कितनी सीद्दत से मोहब्बत करता था कोई....?
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29
न जख्म भरे...,न शराब सहारा हुई..न वो वापस लौटी... न मोहब्बत दोबारा हुई.....!!
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144
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक रास्ता है।
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28
जरूरत से ज्यादा इज्जत,और वक्त देने से लोग बदल जाते है।??
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111
जिनका इरादा हो साथ चलने का वो बहाने नहीं रास्ते ढूंढते है |✔️
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75
मुझे फ़र्क नही पड़ता लोग मुझे पसंद करे या ना करें, क्योंकि मैं पैदा किसी को Impress करने के लिये नहीं हुआ.?
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146
तू महारानी तो मैं नवाब, भूल जा बेबी मुझे पाने का ख्वाब..!!?
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55
अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं
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78
बात कोई नहीं मानता, बात का बुरा सब मान जाते है...?
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48
तुम भुला दो मुझे ये तुम्हारी अपनी हिम्मत है मगर मुझसे ये उम्मीद ज़िंदगी भर मत रखना
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44
सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....
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40
हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं साहब, कोई वक़्त पर लौटता नहीं हैं इसलिए घाटे मे है .
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41
बेहद हँसने वाले हम लोग, अक्सर अपने लिये दुआओं में मौत माँगते हैं. ??
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53
मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!
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मेरी चाहत का इस तरह मजाक मत बनाओ, कि तुम्हारी आंखें ?️ ही तरस जाए, मुझे दोबारा देखने के लिए।
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