औकात नहीं है दुश्मनो की आँख से आँख मिलाने की, और बात करते हैं साले घर से उठाने की..!!
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मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..
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खुश रहना है तो,चुप रहना सीखो क्योंकि खुशियों को शोर पसंद नहीं होता...|
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इतना कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम.. अब दिल दुखाने भी नहीं आते ?
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खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
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लोग जिन चीज़ों का खौफ रखते है, हम ? उन चीज़ों का शौंक रखते है..!!
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माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।
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जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
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"आदमी का अमीर होना जरूरी नहीं है जमीर होना जरूरी है।" ?
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तुम्हीं से सीख रहा हूं हुनर नजर अंदाजगी का, अब जो तुम पर आजमाऊं तो बेवफ़ा मत समझना |??
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जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।
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तेरी मोहब्बत की हिफाज़त कुछ इस तरह की हमने, जब देखा किसी ने प्यार से नज़रें झुका ली हमने.
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वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
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बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया हो .
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लोग कहते है की मेरे दोस्त कम है, लेकिन वो नहीं जानते की मेरे दोस्तों में कितना दम है !??
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हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद , ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!
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हम दोनों एक ही किताब में रहेंगें, तुम गुलाब के जैसे, मैं खुशबू की तरह.
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सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.
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आंसू जानते है कौन अपना है इसलिए बस अपनों के सामने निकल आते हैं.
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चालाकी कहा मिलती है मुझे भी बताओ दोस्तों, हर कोई ठग लेता है जरा सा मीठा बोल कर.?
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यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती
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मैंने अपनी जिंदगी में सारे महंगे सबक सस्ते लोगों से ही सीखे हैं | ❤️
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चले जाएंगे तुझे तेरे हाल पर छोड़कर, कदर क्या होती है ये तुझे वक्त सिखा देगा ??
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खफा ? रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम, लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते ?
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कभी रहमत करना मेरी दिल्लगी पे ज़ालिम ,हम बाजारों में नहीं, हजारों में मिलते हैं |?
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कोई अजनबी ख़ास हो रहा है, लगता है फिर से प्यार हो रहा है..!
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नसीब के आगे जुकूंगा नहीं, थककर जरूर बैठा हूं मगर रूकूंगा नहीं |?☺️
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सुनो, अपनी हद में रहो, बेहद याद आने लगे हो तुम.!
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हमारी काबिलियत ही हमारी पहचान है, वरना लोग तो बहुत हैं दुनिया में??
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इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
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