सोचता रहा ये रातभर करवट बदल बदल कर, जानें वो क्यों बदल गया, मुझको इतना बदल कर..!!?
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27
शौंक से नहीं किया कौइ गुनाह,, लोग हर बार औंकात पुछ रहे थे..!??
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37
फर्क नहीं पड़ता अब जो कोई दिल दुखये, बता दो उन्हें घाव पर घाव दर्द नहीं करते.
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12
कुछ साथ यकीन दिलाते हैं की प्रेम वाकई खूबसूरत है |
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15
कभी फुर्सत मिले तो सोचना, क्यूँ एक लापरवाह लड़का तुम्हारी इतनी परवाह करता था.
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25
न कोई चेला न कोई मेला, मन मिले तो मिल जाओ मुझसे , वरना शिव भक्त चले अकेला || बम बम भोले ||
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235
अगर बाज़ ? की तरह उड़ना है.. तो कबूतरों का साथ छोड़ना पड़ेगा.!!?
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72
लोग जिन चीज़ों का खौफ रखते है, हम ? उन चीज़ों का शौंक रखते है..!!
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249
मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं
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70
हम समंदर है हमें खामोश ही रहने दो जरा मचल गये तो शहर ले डूबेंगे |?
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40
बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?
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303
तुझे हक है अपनी दुनिया ? में खुश रहने का, मेरा क्या है? मेरी तो दुनिया ही अधूरी ? है।
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36
अभी से वो होना शुरू कीजिये जो आप भविष्य में होंगे
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121
मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है , आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है
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111
तुने अच्छा ही किया मुझे गलत समझ कर, में भी थक गया हूँ खुद को साबित कर-कर के.
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20
"न कर मोहब्बत ये तेरे बस की बात नहीं, वो दिल मोहब्बत करते हैं जो तेरे पास नहीं!"
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147
तू मिले या ना मिले, ये मेरे मुक़ददर की बात हैं, सुकून बहुत मिलता हैं तुझे अपना सोचकर.
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183
"बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो, जख्म तो हर इंसान देता है !!"
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15
ताक़त आवाज़ में नहीं अपने विचारों में रखो क्योंकि फ़सल बारिश से होती हैं, बाढ़ से नहीं।??
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111
शरम उन्हें आती है, जो शरम से शरमाते है, हम तो बेशरम है, साला शरम खुद हमसे शरमाती है..
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50
मेरी थी जो खामियां ,तुझसे पूरी हुई …बाक़ी हुवे बेवजह ,तू ज़रूरी हुई …
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89
हम तो बस जरूरत थे, जरूरी तो कोई और था | ?
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86
“मशहूर होने का शोक नहीं है, लेकिन क्या करे लोग नाम से ही पहचान लेते है।” ??
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12
जिस चीज़ का तुम्हे खौफ है, उस चीज़ का हमे शोक है |?
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82
आँखों से दूर दिल के करीब था मैं उसका और वो मेरा नसीब था न कभी मिला न कभी जुदा हुआ रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था, ❤
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65
अजीब अंदाज़ है मेरे महबूब की मासूमियत का, मैं तस्वीर में भी देखूँ तो वो पलकें झुका लेती है |??
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75
चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी,और फिर तुम मिल गए!
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121
मुफ्त में नही सीखा उदासी में मुस्कुराने का हुनर, बदले में ज़िन्दगी की हर खुशी तबाह की है हमने..??
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8
अब इतने भी भोले नहीं कि तुम वक़्त गुज़ारो और हम उसे प्यार समझे |
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15
जब तक पैसा है वो पूछेगी,? मेरा बाबू कैसा है?
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