अनुभव कहता है, खामोशियाँ ही बेहतर है. शब्दो से लोग रूठते बहुत है।
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क्यूँ उदास बेठे हो इस तरहा अंधेरे मैं, दुःख कम नहीं होते रौशनी बुझाने से
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ईमानदारी, एक मंहगा ? शोख है।जिसको पूरा करना, सबके हैसियत की बात नहीं। ?
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नफरत के बाज़ार में जीने का अलग ही मज़ा है, लोग रुलाना? नहीं छोड़ते हम हसना? नहीं छोड़ते….!!
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पिंजड़े में बंद करने से शेर गीदड़ नहीं बन जाता। जब शेर बहार आता है तो शिकारी खुद शिकार बन जाता है।??
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एक नफरत ही हैं जिसे दुनिया चंद लम्हों में जान लेती हैं…वरना चाहत का यकीन दिलाने में तो जिन्दगी बीत जाती हैं ।
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अकेले रहने का भी एक अलग सुकून हे | ना किसी के वापस आने की उम्मीद, ना किसी के छोड़ जाने का डर.....
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वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नहीं होती, जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है |
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कोई तन दुखी, कोई मन दुखी, कोई धन बिन रहत उदास | थोड़े थोड़े सब दुखी, सुखी सिर्फ मेरे सतगुरु के दास ||
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लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो
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दोस्ती ने एक बात अच्छी सिखाई, रास्ते बदलने से रिश्ते नहीं बदलते कभी..! ?
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जीत हासिल करनी हो तो काबिलियत बढाओ, किस्मत की रोटी तो कुत्ते को भी नसीब होती है.?
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वो भी जिन्दा है,मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है
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वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे ; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है
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क्या इतने दूर निकल आये हैं हम, कि तेरे ख्यालों में भी नही आते ?
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दोस्तों के दिल ❤️ में और दुश्मन के दिमाग ? मे रहना आदत है हमारी..?
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वो किसी की खातिर मुझे भूल भी गया तो कोई बात नहीं ,हम भी तो भूल गये थे सारा ज़माना उस की खातिर
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चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी,और फिर तुम मिल गए!
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मुझे छोड़ने की वजह तो बता देते मुझसे नाराज़ थे या मुझ जैसे हज़ार थे
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एक सुकुन सा मिलता है ? तुझे सोचने से भी, फिर कैसे कह दूँ, मेरा इश्क बेवज़ह सा है | ❤️
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तकलीफ़ खुद ही कम हो गई, जब अपनों से उम्मीदें कम हो गई…??
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स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा
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फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना, मुहब्बत?बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती?…!!
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कैसे कह दूं कि मुलाक़ात नहीं होती है, रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है |
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लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी. पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया..?
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इजाजत हो तो मैं भी तुम्हारे पास आ जाऊँ, देखों ना चाँद के पास भी तो एक सितारा है…
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जब मोहब्बत बे-पनाह हो जाये ना.. तोह फिर पनाह कही नही मिलती
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ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.
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किसी के अंदर ज़्यादा डूबोगे तो टूटना पड़ेगा यकीन न हो तो बिस्कुट से पूछ लो
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खुद को बदलाव के लिए तैयार कीजिए, बहाने तो हर कोई बना लेता है ?
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