बेहतर से बेहतर तलाश करो, नदी मिल जाए तो समन्दर की तलाश करो |?
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पढ पढ के हो गया BORE और उपर से ऐ KATRINA ,केह रही है तेरी Ore तेरी Ore.
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सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |
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हम क्या हैं वो सिर्फ हम जानते हैं ? लोग सिर्फ हमारे बारे में अंदाजा ही लगा सकते हैं ?
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जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
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हम घोड़े के ट्रिगर पे नही, बल्की खुद के जिगर पे जीते है..!?
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जो सबका मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है
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हमे किसी कि दिल से खेलने कि आदत नहीं और कोई हमारे दिल से खेले इतनी किसी में ताकत नहीं ?
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मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है , किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है...!!
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कभी कभी नाराज़गी दुसरो से ज़्यादा खुद से होती है |
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करने हैं तो बड़े कांड करो...बातें तो कोई भी बड़ी कर सकता है |?
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अकेली रात ? बोलती बहुत है, लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला ? हो |
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जो मैंने तेरा दिल चुराया, इसमें मेरी कोई खता न थी अपने ग़मों को मैं कहां छुपाता, मेरे दिल में कोई जगह न थी |
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कलयुग है साहेब, यहाँ झूठे को स्वीकार किया जाता हैं, और सच्चे का शिकार किया जाता हैं..?❤️
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खफा ? रहने का शौक भी पूरा कर लो तुम, लगता है तुम्हे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते ?
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मेरे पास'कमीनों की फौज है, तभी तो जिंदगी में मौज है।
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मुझे ख़ुद को बेक़सूर सबित करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं जानता हूँ कि मैं बेक़सूर हूँ। ?
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जो खोटे सिक्के कभी न चले बाजार में, वो कमियां ढूंढ रहे हैं हमारे किरदार में!
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उम्मीद तो उसी दिन छोड़ दी, जब तुम्हें उस अजनबी के करीब देखा था। ?
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“अकड़ उतनी ही दिखाना जितनी तेरी औकात हो,,!!” ?
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कोई तो करता होगा हमसे भी ख़ामोश मोहब्बत किसी का हम भी अधूरा इश्क़ रहे होंगे |
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कभी सोचा नहीं था, वो भी मुझे तनहा ? कर जाएगी, जो परेशान देख कर अक्सर कहती थी, मैं हूँ ना... ❤️
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हम ऊंची आवाज़ पसंद नहीं करते, ख़ामोश रहो या औकात में ??
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हजारों उलझने राहों में, ? और कोशिशे बेहिसाब, इसी का नाम है जिंदगी, चलते?रहिए जनाब।
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आ बैठ मेरे मालिक आज बटवारा कर ही लें, सारी दुनिया तेरी और सिर्फ तूं मेरा |
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दिल की ना सुन, ऐ फ़कीर कर देगा, वो जो उदास बैठे हैं नवाब थे कभी.
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मेरी रूह में समाई है तेरी खुसबु, लोग कहते है तेरा इत्र लाजवाब है.
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छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी
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थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं
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