अंदर ही अंदर ख़त्म हो रहे है..गम नहीं तो, हम ही सही..|??
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जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार होता है, लोग हारते भी है तो अपनी ही रानी से
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310
इन बादलों के बीच कहीं खो गया है, सुना है मेरा चांद ? किसी और का हो गया है ?
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13
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
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40
मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!?
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119
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है... मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
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410
सुकून गिरवी है उसके पास मोहब्बत क़र्ज़ ली थी जिससे...
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5
शरीफ थे तब सबने बदनाम किया, जबसे बुरे बने तो दुश्मन ने भी सलाम किया..!
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64
चाय ख़त्म होने तक तुम रुकने का वादा करो, हम आखिरी घूँट भी आखिरी साँस तक पीते रहेंगे.
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काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
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311
जो हमसे बात नहीं करते, वो दूसरों से हमारी ‘बात’ करते है ।
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अच्छा हूँ या बुरा हूँ, अपने लिए हूँ ,मैं खुद - को नहीं देखता औरों की नज़र से !??
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81
ज़िन्दगी में जो लोग सबसे खास होते हैं, वह कुछ पल के लिए ही पास होते हैं |?
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तन्हा रातें कुछ इस तरह से डराने लगी मुझे, मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया..!!??
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हमारी हसी पे मत जाना, फूल तो कब्र पर भी होते है!?
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उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!
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एक तमन्ना थी कि ज़िन्दगी रंग बिरंगी हो और दस्तूर देखिए, जितने मिले गिरगिट ही मिले | ❤️
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वो भी जिन्दा है,मैं भी जिन्दा हूँ… क़त्ल सिर्फ इश्क़ का हुआ है
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तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
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जाने वालो को रास्ता दो अगर वास्ता, दोगे तो सर पे चढ़ेंगे...
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परेशान करते थे मेरे सवाल तुमको.. तो बताओ पसंद आयी खामोशी मेरी....
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बड़ी कश्मोकश है इन दिनो ज़िन्दगी में...किसी को ढूंढते फिर रहे हैं हर किसी में....
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गायत्र्येव परो विष्णुर्गात्र्येव परः शिवः ।गायत्र्येव परो ब्रह्मा गायत्र्येव त्रयी ततः ॥
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सफर बहुत कठिनाई से भरा था, तुमने हाथ थामा और खूबसूरत हो गया.!
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किसे पुछूँ ? है ऐसा क्यों ?…बेजुबान सा ये जहां है ..
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बचपन से ही शौक था अच्छा इंसान बनने का, लेकिन बचपन खत्म और शौक भी खत्म.?
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आज कल लोग दुआ में कम बुराईयों में ज्यादा याद रखते हैं ?
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शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है
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कभी कभी किसी की खुशी के लिए ही उन्हें छोड़ना पड़ता है ...
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दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.
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