एक तो मेरा एकलौता प्यार.... ऊपर से तेरे नखरे
Copy
1K
मिलावट का जमाना है साहिब,,,कभी हमारी हां में हां भी मिला दिया करो...
Copy
80
आदत हो गई है नफरत की अब मोहब्बत अच्छी नहीं लगती।
Copy
24
बेमतलब की दुनिया का किस्सा ही खतम, अब जिस तरह की दुनिया, उस तरह के हम ✔️
Copy
119
रंग तो मौसम और बादल भी बदलते है, पर तुम जैसा कोई नही |?
Copy
19
नहीं तुम से कोई शिकायत बस इतनी सी इल्तिज़ा है, जो हाल कर गए हो कभी देखने मत आना..!! ??
Copy
22
आज फिर मैं तडपा हूँ, लगता है वो आज फिर किसी और की बाहों में होगी !!
Copy
11
बहुत अच्छा लगता है उन रिश्तेदारों के घर जाना, जो जाते ही कहते हैं कि बेटा वाइफ़ाई का पास्वर्ड लो और आराम से अपना घर समझ के बैठो ?
Copy
303
तुम मेरी वो किताब हो , जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है
Copy
51
कैसा अजीब खेल है मोहब्बत का जनाब, एक थक जाए तो दोनों हार जाते हैं |
Copy
5
उसकी सलामति की दुआ, रोज मांगते है। दिन में एक दफ़ा खुदा से, भीख मांगते है। ??
Copy
56
नाम एक दिन में नहीं बनता, लेकीन एक दिन जरूर बनता है। ?
Copy
20
रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है
Copy
456
कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं, लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं |?
Copy
175
हमें भी शौक था दरिया -ऐ इश्क में तैरने का, एक शख्स ने ऐसा डुबाया कि अभी तक किनारा न मिला.
Copy
137
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
Copy
171
ताश के पतो की तरह हूँ जिस दिन चलूँगा, उस दिन बाजी पलट दूंगा..!
Copy
36
लोग कहते है खुश रहो...काश रहने भी देते ?
Copy
58
मुझे किस तरफ जाना है कोई खबर नहीं.... ए-दोस्तों, मेरे रस्ते खो गए….. मेरी मोहोब्बत की तरह.......!!!
Copy
12
खुद की पहचान बनाने में जो मजा है, वो किसी की परछाई बनने में नहीं।?
Copy
216
अपनी औकात में रहना सीख बेटा. वर्ना जो हमारी आँखों में खटकते है, वो श्मशान में भटकते है.??
Copy
127
बड़ी जीत बड़ा शोर होगा..तुम्हारा सिर्फ वक़्त है हमारा दौर होगा |?
Copy
49
जिंदगी अपनी है तो,? अंदाज भी अपना ही होगा?
Copy
233
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
Copy
1K
“किसी को चाह कर ना पाना दर्द देता है, लेकिन पाकर खो देना ज़िन्दगी तबाह कर जाता है…..!”
Copy
17
तुम साथ हो या ना हो क्या फर्क है …बेदर्द थी ज़िन्दगी बेदर्द है…
Copy
151
काम ऐसा करो की लोग कहें तू रहने दे हम खुद कर लेंगे
Copy
190
फिर आ जाओ ज़िन्दगी में मैं फिर से जीना चाहती हूँ
Copy
19
मुद्दत के बाद जिन्दगी फिर से मुस्कुराने लगी है, किसी की धडकन हमें अपना बनाने लगी है| ?
Copy
55
कभी आओ इस क़दर की आने में लम्हा और जाने में ज़िन्दगी गुज़र जाये
Copy
40