मुझे छोड़ दो मेरे हाल पे, जिन्दा हूँ यार, काफी है..!
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18
कौनसा अंदाज़ है ये?तेरी महोब्ब्त का?, ज़रा हमको भी समझा दे…मरने से भी रोकते हो, और जीने भी नहीं देते..!!
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रोज़ रोते ? हुए कहती है ज़िन्दगी, एक बेवफ़ा के लिए मुझे बर्बाद मत कर | ?
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15
बहुत नाराज़ थे तो रो पडे, अपनों से क्या ही शिकायत करते |?
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29
हम रोज़ उदास होते हैं और रात गुज़र जाती है एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जाएंगे
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40
कभी वक़्त मिले तो सोचना जरुर, वक़्त और प्यार के अलावा तुमसे माँगा ही क्या था।?
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पता नहीं तेरे लगाये हुए ज़ख्म क्यूँ नहीं भरते, मेरे लगाये हुए तो पेड़ भी सूख जाते हैं |
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2
मैंने पूछा उनसे, भुला दिया मुझको कैसे? चुटकियाँ बजा के वो बोले… ऐसे, ऐसे, ऐसे।?
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खुबसूरत सा वो पल था, पर क्या करें वो कल था.?
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मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता| ?
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16
लाश पता नहीं किस बदकिस्मत की थी, मगर क़ातिल के पैरो के निशान बड़े हसीन थे !!??
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5
इंसान सबसे ज्यादा ज़लील अपनी पसंद के लोगों से ही होता है |
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8
कभी फुर्सत हो तो इतना जरूर बताना, वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हें ना दे सके.
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तेरी नाराज़गी वाजिब है दोस्त.. मैं भी खुद से खुश नहीं हूं आजकल...
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उनका दिल ❤️ कैसे जीत लेते जो किसी और को अपना दिल हार गया हो।। ?
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15
वो न ही मिलती तो अच्छा था, बेकार में मोहब्बत से नफरत हो गई..! ❤️
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मोहब्बत तो क़ायम रहती है जनाब मोहब्बत करने वाले टूट जाते है
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अब अगर रूठे तो रूठे रहना मैं मनाने वाला हुनर भूल चुकी हूं
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इतना क्यों सिखाए जा रही हो जिंदगी, हमें कौनसी सदियाँ गुजारनी है यहाँ.
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8
यूँ पल-पल न मरते, न रातों में रोते, काश हम मोहब्बत से अनजान होते!!
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16
टूटे हुए दिल भी धड़कतें हैं उम्र भर, चाहें किसी की याद में चाहे किसी की फरियाद में।
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3
लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी. पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया..?
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समेट कर सारे जज़्बात रख दिये सिरहाने थोड़े सुकून के हक़दार हम भी हैं...
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40
दर्द मुझको ढूंढ लेता है रोज़ नये बहाने से... वो हो गया है वाकिफ़ मेरे हर ठिकाने से..❤️
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सोचता रहा ये रातभर करवट बदल बदल कर, जानें वो क्यों बदल गया, मुझको इतना बदल कर..!!?
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नींद चुराने वाले पुछते है सोते क्यों नहीं, इतनी ही फ़िक्र है तो, फिर हमारे होते क्यों नहीं !?
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एक घुटन सी होती है दिल में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं.!
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जुदा होने का शौक भी पूरा कर लेना जनाब, लगता है तुझे हम ज़िंदा अच्छे नहीं लगते!?
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बुरा लगता है हर बार किसी को अपनी याद दिलाना जिन में वफ़ा होती है खुद ही याद कर लेते हैं
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साथ मेरे बैठा था, पर किसी और के करीब था , वो मेरा अपना सा लगने वाला किसी और का नसीब था।।??
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