किस्सा बना दिया उन लोगों ? ने भी मुझे जो कल तक मुझे अपना हिस्सा बताया करते थे | ?
Copy
83
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है?
Copy
843
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
Copy
17
जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....
Copy
122
तन्हा रातें कुछ इस तरह से डराने लगी मुझे, मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया..!!??
Copy
27
हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम
Copy
238
उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन ,दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !
Copy
649
बस एक बार , उलझना है तुमसे, बहुत कुछ , सुलझाने के लिये
Copy
110
अगर किस्मत में लिखा है रोना, तो कोई मुस्कुराने पर भी आंसू निकल आते हैं||
Copy
29
वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
Copy
16
रोज़ नहीं पर कभी कभी तो वो शख्स मुझे जरूर सोचता होगा
Copy
61
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
Copy
52
एक खता रोज कर रहे हम, जो मिलेगा नहीं उसी पर मर रहे है हम.
Copy
53
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
Copy
69
उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!
Copy
49
कभी कभी नाराजगी, दूसरों से ज्यादा खुद से होती है।?
Copy
100
रास्ते उसने बदले थे...मंज़िल मेरी बदल गई।
Copy
32
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
Copy
38
बहुत कुछ पाने वाले बहुत कुछ खोया करते हैं , इस दुनिया में हस्सने वाले सबसे ज़्यादा रोया करते हैं
Copy
110
कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी,कुछ चलते फिरते से है हम।
Copy
82
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात , न ज़ज्बात
Copy
752
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
Copy
66
शुक्र है दिल सिर्फ धड़कता है, बोलता तो कयामत आ जाती.
Copy
31
कुछ खामोश कुछ गुमशुदा से हैं, हम आज तेरे बिन खुद से जुदा जुदा से हैं हम ??
Copy
51
उसको मालूम तो हैं मेरे हालातो के बारे मे, फिर खैरियत पूछकर मेरी मुश्किलें क्यों बढ़ाते हैं |
Copy
60
याद तो रोज करते है उन्हें , पर उन्होने कभी महसूस ही न किया.. ?
Copy
170
बहुत शौक से उतरे थे इश्क के समुन्दर में.. पहली ही लहर ने ऐसा डुबोया कि आज तक किनारा ना मिला
Copy
32
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
Copy
1K
यहाँ तो खुद से ही मिले जमाना हो गया ... और लोग कहते है कि हमें भूल गये हो तुम ...
Copy
42
कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |
Copy
28