बदल गए हैं हम क्युकी .. बात अब औकात पर आ गई है ..
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मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है साहब..क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार काम नहीं आता..?
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बचपन से ही शौक था अच्छा इंसान बनने का, लेकिन बचपन खत्म और शौक भी खत्म..?
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नाम कमाने के लिए दिमाग ? से चलना पड़ता हैं दिल ❤️ से नहीं!
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दिलों की बात करता है, जमाना, पर मोहब्बत आज भी, चेहरे से शुरू होती है |?
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“वक़्त का इंतज़ार कीजिए जनाब, इस बार हम नहीं, आप हमसे मिलने आएंगे।”?
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हौसले ? का सबूत देना था, इसलिए ठोकर खाकर भी मुस्कुरा ? पड़े.
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मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से मतलब नही। कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है!!❤️
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उसने कहा बहुत हैं तेरे जैसे, मैंने कहाँ अरे पागल, Brand हूँ Copy तो होगी ना.
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चाय जैसी उबल रही है ज़िंदगी मगर, हम भी हर घूँट का आनंद शौक़ से लेंगे☕
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जरुरत नहीं है हमे आज तेरी मोहब्बत की… कल जब थी तो तुझे गुरूर बहुत था…??
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कलयुग है साहेब, यहाँ झूठे को स्वीकार किया जाता हैं, और सच्चे का शिकार किया जाता हैं..?❤️
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चोट का गहरा होना लाजमी था, वार जो अपनो का था |?️
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माचिस तो यूं ही बदनाम है,, हमारे तेवर तो आज भी आग ? लगाते हैं!
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बर्दास्त करू तो डरपोक, और सामना करू तो बतमीज..!
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हर किसी के हो जाए इतने सस्ते थोड़ी है हम ?
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खेल तो तेरे साथ भी खेला ? जाएगा लेकीन नियम हमारे होंगे ! ?
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मुझे फ़र्क नही पड़ता लोग मुझे पसंद करे या ना करें, क्योंकि मैं पैदा किसी को Impress करने के लिये नहीं हुआ.?
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जब शिकार का वक़्त होगा, तब हम जंगल जरुर आयेगें! ?
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सब खरीदा जा सकता हैं, बस जेब भारी चाहिए..!??
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हमारा Style और Attitude ही कुछ लग है, बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे..?
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लोग अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं मेरी आदतों से रुतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ !!"
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तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं, मगर ‘जाने’ नहीं देते !!
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हमें मत सिखा बदमाशी के कानून, अगर हमनें शराफत छोड़ दी तो तू बकील ढूँढता रह जायेगा ??
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शरीफों की शराफत और हमारा कमीनापन किसी को अच्छा नहीं लगता!! ??
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पिंजड़े में बंद करने से शेर गीदड़ नहीं बन जाता। जब शेर बहार आता है तो शिकारी खुद शिकार बन जाता है।??
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वो मंज़िल ही बदनसीब थी, जो हमे न पा सकी वरना जीत की क्या औकात जो हमे ठुकरा दे |?
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“डर से मत डरो, डर को डराओ, जो भूल गया है उसे उसकी औकात याद दिलाओ।”?
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अक्सर दिखावे का प्यार ही शोर करता है, सच्ची मोहब्बत तो इशारों में ही सिमट जाती है। ?
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फर्क नहीं ❌पड़ता मुझें, कोई अमीर हो चाहे गरीब हो, ☝सच्चा इंसान तो वही है,जो किसीके दिल के करीब हो.
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